पटाखा फैक्टरी में भीषण आग, नौ की मौत

प्रयागराज/कौशाम्बी । पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। घटना में करीब नौ लोगों के मौत की बात सामने आ रही है। दर्जनभर से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उनका उपचार एसआरन अस्पताल प्रयागराज में चल रहा है। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। धमाके में कई परिवारों के मकान धराशायी हो गए। नौ लोगों की मौत हो चुकी है। करीब दर्जन भर लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इसमें तीन वेंटीलेटर पर हैं। मौके पर प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी, अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी पहुंच गए हैं। झुलसे लोगों को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण अंदर जाना मुश्किल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान से अचानक धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं।
हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना मिल रही है। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत-बचाव में जुटी है। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
15 से अधिक मकान धराशायी, पांच लोगों की मौत, कई मरणासन्न
कौशाम्बी और प्रयागराज सीमा पर स्थित मनौरी बाजार स्थित पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर अचानक भीषण विस्फोट हो गया। लगातार हुए धमाकों से आसपास का इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक इसकी धमक महसूस की गई। हादसे में फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है।



