जामताड़ा
कर्माटांड़ से वृंदावन यात्रा का शुभारंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा : कर्माटांड़ प्रखंड क्षेत्र से भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी वृंदावन के लिए श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था उत्साह और भक्ति भाव के साथ रवाना हुआ है। इस आध्यात्मिक यात्रा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में खासा उल्लास देखा जा रहा है। कर्माटांड़ प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से पहुंचे दर्जनों श्रद्धालुओं ने एक साथ वृंदावन की यात्रा शुरू की है, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है।
यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु मुख्य रूप से जेरुआ, पिपरासोल, हेट बांधा, और कतरास सहित कई अन्य आसपास के गांवों से ताल्लुक रखते हैं। इन सभी गांवों के लोगों ने एकजुट होकर इस धार्मिक यात्रा की रूपरेखा तैयार की थी। यात्रा पर निकलने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने अपने-अपने स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और ‘राधे-राधे’ के जयकारों के साथ जत्था गंतव्य की ओर रवाना हुआ।
इस पावन यात्रा में शामिल होने वाले प्रमुख श्रद्धालुओं की सूची में सुमन प्रजापति, रिषभ कुमार, कुमकुम कुमारी, धनु कुम्हार, कल्पना देवी, कन्हाई कुम्हार, किशोरी कुम्हार, कुंता देवी, कनक कुमार, आरुषि कुमारी, बासुदेव कुम्भकार, मंजू देवी, साकेत आनंद, जागृति आनंद, माधुरी देवी, प्रभाकर कुंभकार, और आस्तिक कुम्हार जैसे कई ग्रामीण शामिल हैं। परिवार और मित्रों के साथ यात्रा पर निकले इन सभी श्रद्धालुओं में बांके बिहारी के दर्शन की लालसा साफ झलक रही थी।
वृंदावन रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने बताया कि वे इस यात्रा के दौरान बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर और श्री कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करेंगे। साथ ही, यमुना स्नान और ब्रज चौरासी कोस के कुछ प्रमुख स्थलों की परिक्रमा करने का भी उनका विशेष कार्यक्रम है। इस तरह के धार्मिक आयोजनों से न केवल आपसी भाईचारा मजबूत होता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का भी संचार होता है। श्रद्धालुओं की इस सुरक्षित और मंगलमय यात्रा के लिए कर्माटांड़ क्षेत्र के शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।


