गोड्डा
कुड़मि समाज ने मनाया का काला दिवस

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। निपनिया पंचायत सुंदरमोर गांव में आदिबासि कुड़मि समाज के तत्वावधान में काला दिवस मनाया गया। कुड़मि समुदाय के साथ 6 सितंबर 1950 को बहुत बड़ा अन्याय हुआ था। तत्कालीन ( कांग्रेस सरकार) ने छोटानागपुर पठार क्षेत्र के कुड़मि जनजाति को एक षड्यंत्र के तहत अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर कर दिया गया था। 1931 की जनगणना में कुल 13 प्रिमिटिव ट्राइव को सिड्यूल ट्राइव का गठन कर सूचीबद्ध किया जाने लगा तब कुड़मि जनजाति समुदाय को छोड़कर वाकी सभी 12 जनजातियों को सूचीबद्ध किया गया। उस दिन से लेकर आज तक हमलोग प्रत्येक बर्ष 6 सितंबर को पूरे भारत देश के कुड़मि जनजाति काला दिवस के रूप में मनाते है। कुड़मि समुदाय अपने पारम्परिक हथियार तीर धनुष, तलवार, टांगा फरसा, दबिया, ढोल मांदर, नगाड़ा के साथ केंद्र सरकार व राज्य सरकार को काला पट्टी लगाकर विरोध किया। हमारी मांगे पूरी करो कुड़मि जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध किया जाए। कुड़मालि भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध करें। मौके पर आदिबासि कुड़मि समाज के केन्द्रीय प्रधान प्रवक्ता दीपक महतो, जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार महतो, निपनिया पंचायत के पूर्व मुखिया संजय महतो, हरेंद्र महतो, मुकेश महतो, संजय कुमार महतो, प्रकाश कुमार महतो, सुनील महतो, मीना देवी, सुनीता, किरन, रजनी, कुंती, पुनम, दर्शनी, रंजना, बबीता, ललीता, संगीता सहित दर्जनों महिला पुरुष उपस्थित थे।



