
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
पोड़ैयाहाट। गोड्डा जिले के अगियामोड़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य जागरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगे इस आयोजन में देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। अगियामोड़ सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने जागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए। कार्यक्रम में गोड्डा के एसडीपीओ आकाश भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से एसडीपीओ को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य जागरण रहा। जागरण में बंगाल से आए कलाकारों एवं गायकों ने पूर्ण रूप से बंगला भाषा में भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कलाकारों की मधुर आवाज और भक्ति संगीत ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं की उत्सुकता भी बढ़ती गई। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते नजर आए।
कार्यक्रम में देवडांड़ थाना प्रभारी अमित मार्की भी उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ और कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की थीं।
आधी रात को हुआ श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव
जागरण कार्यक्रम के दौरान जैसे ही रात के 12 बजे, पूरा अगियामोड़ ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के शुभ अवसर पर केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। आधी रात का यह पल श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावुक और यादगार रहा।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्सव का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी और भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा आयोजन में अगियामोड़ के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक कार्यक्रम स्थल श्रद्धालुओं से भरा रहा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, संगीत और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला। बंगला भाषा में प्रस्तुत जागरण ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी। बंगाल से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। कृष्ण जन्मोत्सव के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक उत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम बनते हैं। अगियामोड़ में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम इसी आस्था और सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर पेश करता नजर आया। रात के सन्नाटे में जब कृष्ण नाम के जयकारे गूंजे और घड़ी ने 12 बजाए, तो अगियामोड़ मानो कान्हा के जन्म की खुशी में झूम उठा। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और भक्ति संगीत से सजी यह रात लंबे समय तक लोगों के जेहन में यादगार बनी रहेगी।



