नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झिंझाना। क्षेत्र की बावरिया कॉलोनी में रविवार को आयोजित पारंपरिक कुश्ती दंगल में पहलवानों के दमखम, शानदार दांव-पेंच और रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे पहलवानों के बीच हुए एक से बढ़कर एक मुकाबलों के दौरान अखाड़ा दर्शकों की तालियों और उत्साह से लगातार गूंजता रहा।
दंगल की शुरुआत अहमदगढ़ और गढ़ी के पहलवानों के बीच मुकाबले से हुई, जिसमें गढ़ी के असलम पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इसके बाद दभेड़ी और अहमदगढ़ के पहलवान आमने-सामने आए। महज तीन मिनट तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में दभेड़ी के नाजिम पहलवान ने बेहतरीन दांव-पेंच दिखाते हुए अहमदगढ़ के पहलवान को पराजित कर दिया।
तीसरे मुकाबले में सिंगरा और बिरालियान के पहलवानों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जिसमें बिरालियान के अजय पहलवान ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बाजी अपने नाम कर ली। चौथा मुकाबला गढ़ी और अहमदगढ़ के पहलवानों के बीच हुआ, लेकिन दोनों पहलवानों के शानदार प्रदर्शन के चलते मुकाबला बराबरी पर छूटा।
पांचवें मुकाबले में सिंगरा और खानपुर कला के पहलवान आमने-सामने आए, जिसमें सिंगरा के पहलवान ने जीत हासिल की। वहीं छठे मुकाबले में सिंगरा के उभरते हुए पहलवान समून और भूरा गांव के पहलवान के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों पहलवानों ने पूरा दमखम दिखाया और मुकाबला आखिरकार बराबरी पर समाप्त हुआ।
सातवें मुकाबले में टोड्डा के रविंद्र पहलवान और अहमदगढ़ के कृष्ण पहलवान के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में रविंद्र ने शानदार दांव लगाते हुए जीत दर्ज की।
*सावेज और विक्की के मुकाबले ने बांधा समां*
दंगल का सबसे रोमांचक और अंतिम आरपार का मुकाबला सिंगरा के उभरते पहलवान सावेज और बिरालियान के विक्की के बीच हुआ। दोनों पहलवानों ने अखाड़े में उतरते ही एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। कभी विक्की का दांव भारी पड़ता नजर आया तो कभी सावेज ने शानदार बचाव करते हुए दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं।आखिरकार निर्णायक क्षण में सावेज ने जबरदस्त दांव-पेंच का प्रदर्शन करते हुए विक्की को शानदार पटखनी दे दी। सावेज की इस जीत के साथ ही पूरा अखाड़ा तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों के उत्साह से गूंज उठा। दर्शकों ने दोनों पहलवानों के शानदार खेल और जज्बे की जमकर सराहना की।आयोजकों ने बताया कि ऐसे पारंपरिक दंगलों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों से जोड़ना है। विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान आयोजक जय सिंह, राम वढेरा, पदम मेंबर सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामीण मौजूद रहे।

