बुलंदशहर
हिंदी हमारी संस्कृति संवेदना और अभिव्यक्ति की पहचान -सुनीता सिंह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
औरंगाबाद बुलंदशहर दिवस पर जे पी विद्या मंदिर तौमडी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों द्वारा हिन्दी के महत्व को उकेरा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या सुनीता सिंह ने दीप प्रज्वलित कर पुष्पार्चन करके किया। अपने संबोधन में उन्होने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृति संवेदना और अभिव्यक्ति की पहचान है।हमारा उद्देश्य स्कूली बच्चों को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ने के साथ साथ उनके आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का विकास करना है।
संस्कृत श्लोक व हिंदी भाषा के महत्व पर व्याख्यान दिए गए। कक्षा एक के बच्चों ने स्वर गीत प्रस्तुत कर मन मोह लिया। कक्षा नौ के बच्चों ने मनोरंजक नाटक “”शिक्षा का व्यापार,”” तथा ”हिन्दी गायब हो गई ”प्रस्तुत किये। बच्चों ने नशा मुक्ति पर आधारित दोहे मोबाइल की दुनिया तथा*आज के युग में शिक्षक की परेशानी* जैसे मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। तथा हिन्दी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। हिंदी विभागाध्यक्ष दीप्ति शर्मा तथा हिन्दी शिक्षिका पूजा शर्मा और प्रवेंद्र कुमार ने विशेष व्याख्यान दिए।
मंच संचालन कक्षा ग्यारह की छात्राओं काजल शर्मा और राधिका राणा ने किया।
जितेश कुमार नीवे अग्रवाल संदीप चौधरी जितेंद्र भारद्वाज ब्रजेश कुमार योगेश कुमार निखलेश गुप्ता आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।



