कैराना
लेखपालों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी, 22 सितंबर से आंदोलन
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शासन को भेजा पत्र, स्थानांतरण-पदोन्नति समेत भत्तों में बढ़ोतरी की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शासन के समक्ष आवाज बुलंद की है। संघ ने एसडीएम कैराना शिवाजी यादव द्वारा मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 22 सितंबर तक शासन और राजस्व परिषद स्तर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के लेखपाल कार्य बहिष्कार करेंगे।
लेखपाल संघ कैराना ने मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन पत्र एसडीएम कैराना को सौंपा। संघ के पत्र में कहा गया है कि लेखपाल लंबे समय से अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा परिणाम, वेतन विसंगति और भत्तों समेत विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद मई 2025 में राजस्व परिषद का पोर्टल खोलकर 2669 लेखपालों से आवेदन लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। संघ का दावा है कि वर्तमान में करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद अथवा गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने और इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की है। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की भी मांग की गई है। संघ के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है। इसे लेकर लेखपालों में असंतोष है। वहीं चयन वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा सितंबर 2025 में पूरी होने के बावजूद परीक्षा परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है। लेखपाल संघ ने स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह, नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। इसके अलावा विशेष भत्ते में भी बढ़ोतरी की मांग की गई है। संघ ने 2800 ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति दूर करने, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने तथा लैपटॉप और मोबाइल जैसी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। संघ ने भूलेख कार्यालयों और पटलों से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि कई स्थानों पर पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में लेखपालों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही लेखपालों को आवंटित अतिरिक्त हल्कों का कार्य भी छोड़ने की चेतावनी दी गई है। संघ ने शासन और राजस्व परिषद से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।


