बुलंदशहर

गैर कानूनी तरीके से पुलिस हिरासत में रखने पर हाई कोर्ट ने जताई गहरी नाराजगी।

तल्ख़ टिप्पणी के साथ देवरिया के पुलिस कप्तान व थाना प्रभारी को किया तलब

बुलंदशहर निवासी एडवोकेट प्रीति चौधरी ने की थी पैरवी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
औरंगाबाद बुलंदशहर  उच्च न्यायालय ने नागरिकों को गैर कानूनी तरीके से पुलिस हिरासत में रखने और थाने के सीसीटीवी कैमरों की अनियमितता को लेकर देवरिया पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। माननीय न्यायालय ने महेंद्र गौड़ व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य  मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सांवत की पीठ ने पुलिस की कार्यशैली पर बेहद सख्त टिप्पणियां कीं साथ ही पुलिस कप्तान और संबंधित थाना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाज़िर होने का आदेश जारी किया।
थाने से सीसीटीवी फुटेज गायब कोर्ट ने कहा झूठों का झुंड पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी बुलंदशहर निवासी अधिवक्ता प्रीति चौधरी एवं अधिवक्ता अर्चित कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे।
मामले में हाईकोर्ट की चार टिप्पणियां:
एस एच ओ सिपाही रहने के भी काबिल नहीं ऐसे अफसर को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए
पांच पांच लाख रुपए हर्जाना लगाने की चेतावनी
कोर्ट से नहीं जनता से माफी मांगो
एस एच ओ के वेतन से कटेगा पीड़ितों का मुआवजा
हाई कोर्ट के इस अभूतपूर्व फैसले और तल्ख टिप्पणियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्य प्रणाली और थानों में सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।। पीड़ित पक्ष की वकील प्रीति चौधरी ने कोर्ट के इस रुख को संविधान और नागरिक अधिकारों की जीत बताया है।
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