जामताड़ा
ईश्वर चंद्र विद्यासागर जयंती पर नंदनकानन में भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक प्रेरणा उत्सव संपन्न
नारी कल्याण और शिक्षा पर रहा विशेष जोर

करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र मे विशेष आकर्षण: नारी कल्याण पर सेमिनार, मेधावी छात्रों का सम्मान और एक आदिवासी बालिका को गोद लेने की पहल।
उपस्थिति: आसनसोल, कोलकाता, पटना सहित कई शहरों से लगभग 200 प्रबुद्ध जन शामिल हुए।
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
करमाटांड़ : प्रसिद्ध समाज सुधारक एवं शिक्षाविद ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती के अवसर पर स्थानीय नंदनकानन परिसर में एक भव्य एवं प्रेरणादायक सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लगभग 200 प्रबुद्ध जनों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं मुख्य अतिथि
समारोह की शुरुआत सुबह 9:00 बजे स्टेशन परिसर और विद्यासागर पार्क में माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात, सुबह 10:00 बजे दीप प्रज्वलित कर मुख्य समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस गरिमामयी आयोजन में आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय के डीपीओ विजय चटर्जी और देवासिस मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में देवासिस मिश्रा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत कर आए हुए अतिथियों का उत्साहवर्धन किया।
शिक्षा, कला और नारी सशक्तिकरण को मिला बढ़ावा
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र-बिंदु समाज सुधार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे रहे:
नारी कल्याण सेमिनार: ‘प्रेरणा भारती’ संस्था के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में महिलाओं के अधिकारों और उनके सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
सराहनीय पहल: कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अतुल कुमार ने एक आदिवासी बालिका की संपूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी लेते हुए उसे गोद लिया।
प्रतिभा सम्मान: शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12वीं कक्षा के 7 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए नाटक, कुड़ज और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 13 छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
दूर-दराज से पहुंचे गणमान्य अतिथि
इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें आसनसोल के अलावा कोलकाता, बांकुरा, देवघर, दुमका, पटना और घाटशिला जैसे दूर-दराज के प्रतिष्ठित शहरों से लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवासिस मिश्रा, चंद्र कुंवर जी, दुगो दास डीडी भंडारी चंदन चक्रवर्ती आचार्य और आदर्श कार्य लाल का विशेष योगदान रहा, जिनके कुशल मार्गदर्शन ने इस आयोजन को सभी के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया।




