नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर। भुसावर उपखंड में प्रमुख जिला चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से समय समय पर इलाके के चिकित्सालयों का अवलोकन नहीं किए जाने की कारण चिकित्सालयों की हालत बदहाल स्थिति में है। अस्पताल बदहाल होने के कारण इन अस्पतालों में आने जाने वाले मरीज बेहद परेशान ही रहे है। राजस्थान सरकार के चिंता स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में आम जनता के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए करोड़ों अरबों रुपए की लागत से भुसावर उपखंड इलाके में संचालित राजकीय अस्पतालों का संचालन कस्वा तथा ग्रामीण अंचलों में हो रहा है।इन अस्पतालों में रात के समय सन्नाटा छाया रहता है ।इन अस्पतालों के दरवाजों पर ताले लगे रहते है और भवनों के अंदर रोशनी जलती रहती है। परन्तु रात्रिकालीन ड्यूटी के कर्मचारी नदारद रहते है ।यह हालत अधिकतर एन एच 21जयपुर भरतपुर पर स्थित गांव बाछरेन एवं छोकर बाड़ा कला तथा हलेना पर राजकीयअस्पताल की है। राजस्थान सरकार की ओर से आपातकालीन सेवा के लिए ट्रॉमा सेंटर बनाए हुए है लेकिन ट्रॉमा सेंटर पर पाए जाने वाली सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ट्रॉमा सेंटरो पर रात को कोई कर्मचारी नहीं मिलता है ।
सरकारी एम्बुलेंस जब किसी घटना या दुर्घटना में घायलों को छोड़ने के लिए अस्पतालों में ले जाते है तो इन सरकारी अस्पतालों के मुख्य दरवाजों पर हमेशा ताले लगे पाए जाते है ।ताला लगे होने पर दुर्घटना में घायल मरीजों एवं एम्बुलेंस कर्मियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।ऐसी हालत में एंबुलेंस कर्मी गंभीर रूप से घायलों को जिला मुख्यालय भरतपुर या दौसा जिले के महवा के सरकारी अस्पताल में कई किलोमीटर दूर जा कर मरीजों को शिफ्ट कराना पड़ता है।कभी कभी समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर भगवान को प्यारे हो जाते है।
हाल ही देखने में सामने आया कि शनिवार की रात आठ बजे छोकर बाड़ा कला के बस स्टैंड पर एक दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
दुर्घटना की सूचना पर जब मौके पर पहुंची सरकारी एम्बुलेंस कर्मी घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल छोकर बाड़ा कला सी एच सी पर ले कर पहुंचे तो उस अस्पताल के अंदर लाइट जली हुई मिली । लेकिन मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ मिला एवं रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर नहीं मिल। ऐसी हालत में सरकारी एम्बुलेंस कर्मी उस घायल मरीज को कई किलोमीटर दूर दौसा जिले के महवा के सरकारी अस्पताल में ले गया ।जहां घायल मरीज को उपचार के लिए अस्पताल में शिफ्ट किया गया । राज्य के मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा के गृह जिले में सरकारी अस्पतालों की हालत सही नहीं होने से मरीज बेहद परेशान है। इसी प्रकार की हालत जिला संभाग मुख्यालय पर स्थित आर बी एम अस्पताल की है । जहां पर आए दिन मरीजों एवं उनके साथ आने वाले तीमारदारों के साथ अशोभनीय व्यवहार तक की घटना कारित होती रहती है। अस्पताल में मरीजों की समय पर देखभाल नहीं किए जाने से कई महिलाओं की चिकित्सकों की लापरवाही से मृत्यु तक की घटना घटित हो चुकी है । बड़ी विडंबना यह है कि राज्य सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नियुक्त प्रमुख जिला चिकित्सा अधिकारी या अस्पताल के पी एम ओ कोई कार्यवाही नहीं कर पाने से संभाग के इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है।