कैराना
सड़क हादसे में घायल युवक ने दम तोड़ा, परिवार में कोहराम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में दो दिन पूर्व थ्रीव्हीलर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए युवक की उपचार के दौरान मेरठ हॉस्पिटल में मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और चार मासूम बच्चों को छोड़ गया। हादसे से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
नगर के मोहल्ला दरबारखुर्द रेतावाला निवासी वाजिद (34) बाइक से आसपास के क्षेत्र में कपड़े की फेरी लगाकर परिवार का पालन—पोषण करता था। दो दिन पूर्व वह फेरी लगाकर शामली की ओर से बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में एक थ्रीव्हीलर ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी, जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। राहगीरों की मदद से घायल वाजिद को उपचार के लिए राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने उसे मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उसे वेंटिलेटर पर रखा था। रविवार सुबह उपचार के दौरान वाजिद की मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख—पुकार मच गई। वहीं, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले आए। बाद में शाम के समय गमगीन माहौल में शव को दफना दिया गया। बताया जा रहा है कि वाजिद के चार मासूम बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है।
नगर के मोहल्ला दरबारखुर्द रेतावाला निवासी वाजिद (34) बाइक से आसपास के क्षेत्र में कपड़े की फेरी लगाकर परिवार का पालन—पोषण करता था। दो दिन पूर्व वह फेरी लगाकर शामली की ओर से बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में एक थ्रीव्हीलर ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी, जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। राहगीरों की मदद से घायल वाजिद को उपचार के लिए राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने उसे मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उसे वेंटिलेटर पर रखा था। रविवार सुबह उपचार के दौरान वाजिद की मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख—पुकार मच गई। वहीं, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले आए। बाद में शाम के समय गमगीन माहौल में शव को दफना दिया गया। बताया जा रहा है कि वाजिद के चार मासूम बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है।
