कार्रवाई न होने पर डीएम कार्यालय में अनशन पर बैठीं शिक्षिका
एफआईआर, गिरफ्तारी, निलंबन और सुरक्षा की मांग; मुख्यमंत्री दरबार जाने की चेतावनी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। साइबर-यौन उत्पीड़न, डिजिटल स्टॉकिंग और चरित्र हनन के आरोपों में दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज महिला शिक्षिका मंगलवार को डीएम कार्यालय में अनशन पर बैठ गईं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी, निलंबन, निष्पक्ष विभागीय जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष एवं प्राथमिक विद्यालय मखमूलपुर-2 कांधला की सहायक अध्यापिका डॉ. पूनम तोमर ने बताया कि उन्होंने 29 जुलाई 2026 को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत के साथ डिजिटल साक्ष्य सौंपे थे। आरोप है कि पांच नामजद लोगों ने उनके आधिकारिक एडवेंचर कैंप के वीडियो अनधिकृत रूप से डाउनलोड कर उनमें डिजिटल छेड़छाड़ की और व्हाट्सएप ग्रुपों में अश्लील व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
शिक्षिका का आरोप है कि शिकायत के दो माह से अधिक समय बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय स्तर पर निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े हैं और सोशल मीडिया व सार्वजनिक स्तर पर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदीप कुमार, जयविन्द्र, सचिन चौहान, अंकुर और संजीव कुमार मलिक सहित संबंधित ग्रुप एडमिनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही निलंबन, निष्पक्ष विभागीय जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री के समक्ष भी शिकायत करेंगी।
