सिंगरौली
वर्दी बदली, मुकाम बदला… मगर सिंगरौली पुलिस के दिलों में अमिट रह गई राकेश साहू-अर्चना द्विवेदी की पहचान!
पदस्थापना बदली, रिश्ते नहीं… कर्तव्य और कर्म की मिसाल बने राकेश साहू-अर्चना द्विवेदी को भावभीनी विदाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। इसी भावना को साकार करते हुए जिला पुलिस सिंगरौली में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक राकेश साहू एवं अर्चना द्विवेदी के स्थानांतरण पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह के दौरान माहौल सम्मान के साथ-साथ भावुक भी नजर आया।
पुलिस अधीक्षक सिंगरौली षियाज के.एम. (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा (भा.पु.से.) ने दोनों अधिकारियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उनके आगामी पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और नए दायित्वों में सफलता की मंगलकामना की।
विदाई समारोह में दोनों अधिकारियों के सेवाकाल को याद करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, कार्यकुशलता और पुलिस सेवा के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्थानांतरण पुलिस सेवा का हिस्सा है, लेकिन अधिकारी अपने व्यवहार, कार्यशैली और कर्तव्य के प्रति समर्पण से जो विश्वास और सम्मान अर्जित करते हैं, वह स्थानांतरण के साथ समाप्त नहीं होता।
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा, जब सहकर्मियों ने दोनों अधिकारियों के साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए। पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सहज व्यवहार, कार्य के प्रति गंभीरता और जिम्मेदारियों के निर्वहन की भावना को याद करते हुए उन्हें भावभीनी शुभकामनाएं दीं।
वर्दी बदल सकती है, पदस्थापना बदल सकती है, लेकिन कर्तव्य के प्रति समर्पण और साथियों के दिलों में बनी जगह कभी स्थानांतरित नहीं होती। यही भावना विदाई समारोह में दिखाई दी।
इस अवसर पर जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दोनों अधिकारियों के प्रति सम्मान एवं आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनके आगामी सेवाकाल में सफलता, गौरव और निरंतर प्रगति की शुभकामनाएं दीं।
सिंगरौली पुलिस परिवार ने दोनों अधिकारियों को विदा तो किया, लेकिन उनके सेवाकाल की यादों और उनके योगदान को सम्मान के साथ अपने बीच संजोकर रखा।



