
116 उच्च माध्यमिक शिक्षकों की द्वितीय और 76 माध्यमिक शिक्षकों की प्रथम क्रमोन्नति का मामला; पुनः परीक्षण की मांग, दशहरा बाद धरने की चेतावनी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्य प्रदेश ने अध्यापक-शिक्षक संवर्ग की प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति से जुड़े प्रकरणों में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। संघ के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के नेतृत्व में संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग जबलपुर को ज्ञापन सौंपकर बालाघाट जिले के पात्र शिक्षकों के प्रकरणों का पुनः परीक्षण करने का आग्रह किया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष आशीष बिसेन के अनुसार, संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा बालाघाट जिले के माध्यमिक शिक्षक से उच्च माध्यमिक शिक्षक बने 116 शिक्षकों को 24 वर्षीय द्वितीय क्रमोन्नति के लिए अपात्र घोषित करते हुए सूची जारी की गई है। संघ का कहना है कि इन शिक्षकों को अपात्र ठहराने के पीछे अध्यापक संवर्ग में एक पदोन्नति और एक क्रमोन्नति का लाभ मिलना बताया गया है, जबकि संबंधित शिक्षकों के सेवा अभिलेखों के आधार पर इस निष्कर्ष की समीक्षा की जानी चाहिए।
आशीष बिसेन ने बताया कि वर्ष 1998 से 2001 के बीच नियुक्त ऐसे कुछ अध्यापक-शिक्षक, जिन्हें पदोन्नति नहीं मिली है, माध्यमिक शिक्षक पदनाम पर कार्यरत रहते हुए 4,200 रुपये ग्रेड पे प्राप्त कर रहे हैं, जबकि पदोन्नति पाकर उच्च माध्यमिक शिक्षक बने कुछ शिक्षकों को 3,600 रुपये ग्रेड पे मिल रहा है। संघ ने इसे क्रमोन्नति के प्रकरणों की समीक्षा का आधार बताते हुए संबंधित सेवा अभिलेखों का मिलान करने की मांग की है।
इसी तरह, संघ के अनुसार, संयुक्त संचालक कार्यालय के एक अन्य पत्र में बालाघाट जिले के 76 माध्यमिक शिक्षकों को 12 वर्षीय प्रथम क्रमोन्नति के लिए अपात्र घोषित किया गया है। इसके लिए गोपनीय चरित्रावली में त्रुटि का कारण बताया गया है। संघ का दावा है कि संबंधित शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली में ऐसी कोई त्रुटि नहीं है। संगठन ने इन प्रकरणों की भी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
संघ ने यह भी दावा किया कि प्रदेश के अन्य संभागों में द्वितीय क्रमोन्नति के आदेश जारी हो चुके हैं, जबकि जबलपुर संभाग में आदेश लंबित हैं। ज्ञापन के माध्यम से संयुक्त संचालक से अपात्र घोषित किए गए सभी प्रकरणों का पुनः परीक्षण करने, सेवा पुस्तिकाओं से अभिलेखों का मिलान करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ देने का अनुरोध किया गया है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दशहरा तक मामले में आवश्यक कार्रवाई कर आदेश जारी नहीं किए गए, तो त्योहार के बाद संगठन धरना-प्रदर्शन करेगा।


