मथुरा

इंजीनियरिंग छोड़ बन गए बाबा, 18 घंटे भजन, 30 दिन का मौन

CM योगी भी हो गए प्रभावितं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। उम्र के आठवें दशक में जहां लोग आराम की जिंदगी तलाशते हैं, वहीं राधारानी के अनन्य उपासक विनोद बाबा ने अपनी साधना को एक नई और कठिन ऊंचाई दी है। उम्र 80 साल, दिनचर्या में 18 घंटे भजन और हर दिन 10 किलोमीटर बरसाना की परिक्रमा। राधारानी की भक्ति में लीन विरक्त संत विनोद बाबा अब 30 दिन तक मौन रहकर साधना करेंगे। 22 अक्टूबर की पंपाकुश एकादशी से 21 नवंबर, देवोत्थान एकादशी तक वे मौन व्रत धारण कर भजन-आराधना में लीन रहेंगे। इस दौरान उपवास के नियमों का पालन करते हुए दिन में केवल एक बार उबला हुआ प्रसाद ग्रहण करेंगे। कभी सरकारी इंजीनियर रहे बाबा ने चार दशक से अधिक समय पहले सांसारिक जीवन छोड़ ब्रज को अपनी साधना स्थली बनाया था। आज भी न सुख-सुविधाओं का मोह है, न निजी आश्रम के वैभव की चाह। उनके जीवन का एकमात्र ध्येय श्रीराधारानी की भक्ति और सेवा है। कार्तिक मास में ब्रज की गलियों से लेकर मंदिरों तक भक्ति की रसधार बह रही है। इसी आध्यात्मिक वातावरण में विनोद बाबा ने अपनी साधना को और कठोर स्वरूप दिया है। वे 22 अक्टूबर से 21 नवंबर तक मौन व्रत का पालन करेंगे। इस अवधि में चौबीसों घंटे मौन रहकर भजन और आराधना करेंगे। उपवास के साथ भोजन में भी संयम रखेंगे और दिन में केवल एक बार उबला हुआ प्रसाद ग्रहण करेंगे। बाबा के लिए मौन केवल वाणी को विराम देना नहीं, बल्कि अपने आराध्य के प्रति एकाग्रता और साधना में लीन रहने का माध्यम है। इंजीनियर की नौकरी छोड़ अपनाया वैराग्य का मार्ग पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जन्मे विनोद बाबा कभी सरकारी इंजीनियर हुआ करते थे। जीवन में सुख-सुविधाओं और सुरक्षित भविष्य की राह उनके सामने थी, लेकिन मन राधारानी की भक्ति में रम गया। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और सांसारिक मोह-माया से दूर आध्यात्मिक साधना का मार्ग अपना लिया। गुरु तीन कोड़ी गोस्वामी के सानिध्य में भक्ति की राह पर आगे बढ़े बाबा ने अपना पूरा जीवन किशोरी जी के चरणों में समर्पित कर दिया।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button