सरुसजाई भूमि अधिग्रहण के नोटिस पर आम जनता के बीच पहुँची आप असम ईकाई।

असम । हाल ही में असम के विभिन्न हिस्सों में चल रहे बेदखली और गुवाहाटी के सरुसजाई क्षेत्र के कुछ लोगों को हटाकर असम सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने की योजना को लेकर आम आदमी पार्टी, असम राज्य समिति ने नाराजगी जताई है। आज सरुसजाई में आप, असम के राज्य अध्यक्ष डॉ. भवेन चौधुरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने पहुँचकर सरकार द्वारा नोटिस भेजे गए लोगों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय भूमिपुत्र, छोटे व्यापारी और आम लोगों के साथ बैठक कर सरकार के भूमि अधिग्रहण के फैसले के संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। कई वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों में से कुछ ने प्रतिनिधि मंडल के सामने शिकायत की कि उन्हें बेदखली का कारण नहीं बताया गया है। इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना स्थानीय लोगों को न हटाने का आग्रह करते हुए अध्यक्ष डॉ. भवेन चौधुरी ने कहा कि—असम में उद्योग स्थापित होना अच्छी बात है, उद्योग चाहिए, लेकिन उद्योग के नाम पर केवल मूल निवासी लोगों की ही जमीन जबरन अधिग्रहित की जा रही है। असम के मूल निवासी भूमिपुत्र जाति-जनजातियों को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा कूद पड़े हैं। उन्होंने सवाल किया कि विभिन्न जाति-जनजातियों के लोग जो वर्षों से उस जमीन पर रह रहे हैं, सरकार की नजर उनकी जमीन पर क्यों पड़ी है। मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, “बड़ो, कार्बी, मिसिंग, राभा आदिवासी गरीब लोगों की जमीन अब अदानी-अंबानी के हाथों में जा रही है। भाजपा सरकार के समय में मूल निवासी लोगों ने अपनी भूमि का अधिकार खो दिया है।” आज अध्यक्ष डॉ. भवेन चौधुरी के साथ पार्टी के कई राज्य स्तरीय नेता—जयंत शইकिया, अनुरूपा डेका राजा, जीतू डेका, बल्लभ पात्र उपस्थित थे।



