सिंगरौली
बारिश में ट्रामा के पीछे की सड़क नहीं बची चलने के लायक, परेशान रहवासी
सीवर लाइन की खुदाई से बर्बाद हुई सड़क, 8 को कलेक्ट्रेट में करेंगे विरोध-प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । जिला मुख्यालय वैढन में ट्रामा सेंटर जिला अस्पताल के पीछे तरफ से गुजरने वाली सड़क की हालत इन दिनों इतनी बदतर हो गई है कि ये चलने के लायक सुरक्षित नहीं बची है। मेन रोड से अंदर तक करीब 200 मीटर की सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है। इस पर कोई पैदल चलने का प्रयास करता है, तो न तो वह कीचड़ से बच पाता है और न ही फिसलने से। यहां इस समस्या को झेलते हुये रोजना सैकड़ों स्थानीय लोग इस बदतर सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं। इनमें सर्वाधिक फजीहत बच्चों व महिलाओं की होती है। खासकर बच्चे जब स्कूल जाते हैं, तो उनके साथ-साथ अभिभावक भी इस सड़क को पार करने के लिए ऐंडी-चोटी का जोर लगाते हैं। इन हालात दौरान भय बना रहता है कि कीचड़ से लबालब इस सड़क से गुजरने के दौरान कहीं पर फिसलने न पाये वर्ना गंभीर चोट लग सकती है। वहीं, कीचड़ से लबालब इस रोड पर कई बार वाहन भी कीचड़ में फंस जाते हैं और फिर उन्हें निकालने में परेशानी होती है।
रहवासी करेंगे विरोध-प्रदर्शन
अपनी इस गंभीर समस्या का पत्र रहवासियों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी सिंगरौली को देकर सूचित भी किया है। साथ ही ये भी बताया है कि सड़क की इस दुर्दशा को लेकर उन्होंने कई बार नगर निगम में गुहार भी लगाई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई हुई। यहां तक की सड़क की मरम्मत कराना तो दूर निगम का कोई जिम्मेदार यहां हालात देखने तक नहीं पहुंचा। जिससे अब मजबूर होकर सभी रहवासी अपनी इस समस्या को लेकर कलेक्टर के यहां मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करने और ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
सीमारेखा को लेकर अटका मामला
पीडित रहवासियों ने उपखंड अधिकारी को दिए गये पत्र में बताया है कि ट्रामा सेंटर के पीछे से उनकी कॉलोनी तक जाने वाली ये रोड वार्ड 42 में आती है और इससे आगे चलने पर उन लोगों के मकान वार्ड 40 में आते हैं। ऐसे में इस मामले में दोनों वार्डों के पार्षदों की ओर से गंभीरता नहीं ली जा रही, क्योंकि ये रहवासी तो वार्ड के ही नहीं है और दूसरे के वार्ड की ये सड़क नहीं है। ऐसे में मामला वार्डों की सीमारेखा को लेकर भी अटका पड़ा है।
उपखंड अधिकारी को दिये गये पत्र में उक्त रहवासियों ने अपने-अपने हस्ताक्षर भी किये हैं। उनमें रामदयाल गुप्ता, सुरेन्द्र पटेल, रमाशंकर शाहवाल, राम नरेश गुप्ता, सुरेश विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, अमृत लाल, जितेन्द्र सिंह, मथुरा, श्रीरात, जावेद, प्रदीप, अरुण समेत अन्य कई रहवासी शामिल हैं।



