असम के तिनसुकिया जिले के सदिया के ऐतिहासिक बुढ़ा बुरी थान का कायाकल्प।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया विकास कार्यों के लिए भूमि पूजन।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
असम : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, ऊपरी असम के चार दिवसीय दौरे के दौरान आज सदिया के चापाखोवा स्थित ऐतिहासिक बुढ़ा बुरी थान का दौरा किया और विकास कार्यों के लिए भूमि पूजन किया। इस योजना का अनुमानित वित्तीय परिव्यय 8,72,87,502 रुपये है, जिसका उद्देश्य मंदिर परिसर के भीतर संरचनाओं का संरक्षण करते हुए व्यापक अवसंरचना का निर्माण करना है, ताकि श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक अनुष्ठानों और गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रस्तावित विकास कार्यों में शामिल हैं:
मुख्य मंदिर भवन का निर्माण (आरसीसी फ्रेम संरचना सहित) मुख्य द्वार, प्रतीक्षालय व अतिथिगृह का निर्माण भूमि कार्य, लैंडस्केपिंग एवं रिटेनिंग वॉल्स मंदिर चारियाली में स्वागत द्वार का निर्माण पुजारी के लिए आवासीय व्यवस्था गौरतलब है कि बुढ़ा बुरी थान एक महत्वपूर्ण मंदिर है, जिसे चुटिया राजाओं द्वारा निर्मित किया गया था। यह मंदिर आदिम देवी-देवता बुढ़ा-बुरी को समर्पित है। प्राकृतिक आपदाओं से हालांकि प्राचीन संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं, लेकिन मूल अष्टकोणीय पत्थर की नींव आज भी सुरक्षित है, जिस पर नया मंदिर निर्मित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने थान के मंचित में जाकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया और समाज के सभी वर्गों की भलाई की कामना की। उन्होंने कहा कि वे 2001 से ही बुढ़ा बुरी थान आ रहे हैं और यह स्थान उनके हृदय के अत्यंत निकट है। उन्होंने आगे कहा कि विकास कार्य पूर्ण होने के बाद यह स्थल एक महत्वपूर्ण सामाजिक, आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र रूप में परिवर्तित होगा।
जल परियोजना का उद्घाटन:
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बुढ़ा बुरी थान के लिए “ट्रीटेड रनिंग वाटर प्रोजेक्ट” भी श्रद्धालुओं को समर्पित किया। SOPD 2023-24 के तहत 80.92 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस परियोजना से बुढ़ा बुरी थान और वहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, शुद्ध और सतत पेयजल उपलब्ध होगा।
इस परियोजना के अंतर्गत ये सुविधाएं होंगी:
1. डीप ट्यूबवेल, 2. 12,000 लीटर क्षमता की आरसीसी ओवरहेड टैंक, 3. 10,000 लीटर क्षमता के भूमिगत जलाशय, 4. रैपिड सैंड फ़िल्ट्रेशन यूनिट, 5. विद्युतीकृत पंप हाउस, 6. आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण विरसीत स्थल को सशक्त बनाना है, ताकि शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बिमल बोरा और रुपेश गौवाला, विधायकगण संजय किशन, बोलिन चेतिया, सुरेन फुकन, तरंग गोगोई व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।



