बागपत
महान वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस पर निषाद पार्टी ने दी श्रद्धांजलि
जागोस गांव, बागपत में श्रद्धा और प्रेरणा का संगम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत : “जय महर्षि कश्यप, जय निषाद राज, वीरांगना फूलन देवी अमर रहें, महामना डॉ. संजय कुमार निषाद ज़िंदाबाद” के नारों के साथ आज जनपद बागपत के जागोस गांव का माहौल देशभक्ति और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत हो गया। अवसर था महान वीरांगना फूलन देवी जी के शहादत दिवस का। इस मौके पर निषाद पार्टी बागपत के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामवासियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत फूलन देवी जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीरांगना को नमन किया और उनके संघर्षमय जीवन को स्मरण किया।
संघर्ष की प्रतीक थीं फूलन देवी: धर्मेंद्र कश्यप
इस अवसर पर निषाद पार्टी के क्रांतिकारी जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कश्यप ने कहा,
“फूलन देवी न केवल निषाद समाज की शान थीं, बल्कि उन्होंने देश की हर शोषित-पीड़ित महिला के हक की आवाज़ उठाई। उनका जीवन संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की मिसाल है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए सर्व समाज के उत्थान हेतु संगठित होना होगा।”
नारी सशक्तिकरण की प्रेरणा: जितेंद्र कश्यप
युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कश्यप ने वीरांगना के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“जिस तरह फूलन देवी ने अन्याय के विरुद्ध हथियार उठाया और संसद तक का सफर तय किया, उसी तरह आज की बहन-बेटियों को भी आगे आना चाहिए। शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही समाज की असली ताकत हैं।”
समाज को जोड़ने का प्रयास
इस कार्यक्रम में निषाद पार्टी के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और संघर्ष की भावना को और प्रबल करने का संकल्प लिया।
उपस्थित पदाधिकारियों में प्रमुख रहे:
रविंद्र कश्यप – संगठन जिला अध्यक्ष
गुड्डी कश्यप – महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष
सत्यवान उपाध्याय – राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद जिला अध्यक्ष
तेजवीर सिंह कश्यप – जिला उपाध्यक्ष
सुरेश कश्यप, संजय कश्यप, जोहरी कश्यप, मनोज कश्यप, कपिल कश्यप, धर्मवीर कश्यप आदि सक्रिय कार्यकर्ता
ग्रामवासियों की भागीदारी
ग्राम जागोस के सैकड़ों ग्रामीणों ने भी इस श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया और वीरांगना फूलन देवी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कई ग्रामीणों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और यह अपेक्षा जताई कि निषाद समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया जाए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज को संगठित करने, नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों से जोड़ने और विशेषकर महिलाओं को प्रेरित करने का एक जागरूक प्रयास था।
महान वीरांगना फूलन देवी की शहादत को याद करते हुए सभी ने संकल्प लिया कि वे उनके आदर्शों को जीवित रखेंगे और सामाजिक न्याय के संघर्ष को निरंतर आगे बढ़ाएंगे।



