राजस्थान

रीको व्यापारियों ने गृह राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

बढ़ी हुई रॉयल्टी से व्यापार ठप होने के कगार पर, ठेकेदारों की मनमानी वसूली से व्यापारी-परेशान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भरतपुर। सैंड स्टोन और मशीनरी स्टोन पर सरकार द्वारा की गई 33.33 प्रतिशत रॉयल्टी वृद्धि ने व्यापारियों, किसानों और आमजन की कमर तोड़ दी है। सोमवार को रीको के महामंत्री विष्णु सिंघल और उद्योगपति आर.पी. शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भरतपुर पहुंचा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म व प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराया।
मकान बनाना आमजन के लिए महंगा सौदा– व्यापारियों ने कहा कि रॉयल्टी दरों में हुई वृद्धि से मकान निर्माण की लागत बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान व मजदूर वर्ग, जो वर्षों की बचत से मकान बनाते हैं, अब पत्थर की ऊंची कीमतों से परेशान हैं। इससे निर्माण कार्य ठप होने लगे हैं और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
अलग-अलग दरों पर हो रही वसूली– प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बयाना, बंशीपहाड़पुर, रूपवास और रूंदावल क्षेत्रों में रॉयल्टी ठेकेदारों के नामित व्यक्ति विभागीय दरों की बजाय अलग-अलग दरों से वसूली कर रहे हैं। बयाना क्षेत्र में तो निर्धारित दर से कहीं अधिक रॉयल्टी ली जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यह खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाना है।
मुख्यमंत्री से कराई जाएगी मुलाकात– गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यापारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी।
“ठेकेदार चला रहे काला कारोबार”– इस मौके पर व्यापारियों ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा की जा रही अवैध वसूली सीधा अन्याय है। यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो सैण्ड स्टोन व्यापार ठप हो जाएगा और हजारों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने इस अवैध वसूली को “काला कारोबार” करार देते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की।
“व्यापारी वर्ग संघर्ष के लिए विवश होगा”– रीको महामंत्री विष्णु सिंघल ने कहा कि व्यापारियों का धंधा चौपट होने की स्थिति में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रॉयल्टी दरों को पूर्व स्तर पर लाया जाए और ठेकेदारों को केवल विभागीय दरों पर ही वसूली करने के निर्देश दिए जाएं। यदि शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो व्यापारी वर्ग आंदोलन के लिए विवश होगा।
कई व्यापारी रहे मौजूद– ज्ञापन सौंपने के दौरान धर्मसिंह चौधरी, रामकिशोर पटेल, माधो पटेल, पदम बैंसला, प्रदीप झालानी, गोविन्द शर्मा, महेश पटेल, लांगुरिया धाकड़, रूप चौधरी सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन– इधर, अब बयाना के कई व्यापार संगठनों सहित परचून संघ और अन्य व्यापारिक वर्ग भी आंदोलन के साथ जुड़ने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार ने रॉयल्टी वृद्धि वापस नहीं ली और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक नहीं लगाई, तो पूरा व्यापारिक वर्ग संयुक्त आंदोलन करेगा।
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