हजारीबाग
सरकारी जमीन पर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर शिकंजा
हजारीबाग से रांची तक पहुंचा 50 डिसमिल भूमि पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से जुड़े भूमि विवाद में अब प्रशासनिक कार्रवाई का मामला राजधानी रांची तक पहुंच गया है। हजारीबाग खास महाल क्षेत्र के मौजा-कैन्टोनमेन्ट, थाना संख्या-157 स्थित भवन पट्टा होल्डिंग संख्या-302 से संबंधित कुल 0.50 एकड़ यानी 50 डिसमिल भूमि के पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, झारखंड सरकार को भेज दिया है। आयुक्त कार्यालय से 17 जून 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उपायुक्त, हजारीबाग की अनुशंसा के साथ भूमि पुनर्ग्रहण से संबंधित अभिलेख संख्या 155/2007-08 प्राप्त हुआ था। इसके बाद उक्त प्रस्ताव को प्रमंडलीय आयुक्त की अनुशंसा के साथ अग्रेतर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। प्रस्तावित भूमि में प्लॉट संख्या 872/1235, 873/1336 और 893/1337 शामिल हैं। इनका रकबा क्रमशः 0.25 एकड़, 0.15 एकड़ और 0.10 एकड़ है। यानी कुल 0.50 एकड़ भूमि को लेकर अब सरकार के स्तर पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है। यह मामला पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के आरोपों से जुड़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से पूर्व में भी संबंधित भूमि को लेकर आपत्ति और कार्रवाई की बात सामने आती रही है। अब आयुक्त कार्यालय द्वारा पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव राज्य मुख्यालय भेजे जाने के बाद लोगो की नजर इसपर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब विवादित भूमि सरकार के कब्जे में वापस आएगी? और क्या इस मामले में आगे कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी? फिलहाल गेंद राज्य के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के पाले में है।




