अंतरराष्ट्रीय

घर का मसला खुद संभाले पाकिस्तान

टीटीपी अफगानिस्तान में नहीं,' अफगान विदेश मंत्री की दो टूक

नई दिल्ली । भारत दौरे पर आए अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अब टीटीपी की कोई मौजूदगी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों से विस्थापित लोग शरणार्थी बनकर यहां रह रहे हैं। ड्यूरंड लाइन 2400 किमी लंबी है, जिसे न चंगेज रोक सका, न अंग्रेज।

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। इसी बीच मुत्ताकी ने पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव और तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब अफगानिस्तान में टीटीपी की कोई मौजूदगी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने खुद ही अपने कबायली इलाकों में सैन्य अभियान चलाकर हजारों लोगों को बेघर किया था, जिनमें से कई शरणार्थियों के रूप में अफगानिस्तान में रह रहे हैं।

मुत्ताकी ने कहा कि ये लोग पाकिस्तान से आए हैं और अफगान धरती पर शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। जब अमेरिका और उसकी समर्थित सरकार अफगानिस्तान में थी, तब इन्हें जगह दी गई। अब ये लोग हमारी देखरेख में शांति से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा, यानी ड्यूरंड लाइन, 2400 किलोमीटर से ज्यादा लंबी है। न इसे चंगेज खान नियंत्रित कर सका, न अंग्रेज। केवल ताकत से इसे नहीं संभाला जा सकता। पाकिस्तान के पास बड़ा फौज और बेहतरीन खुफिया एजेंसियां हैं, फिर वे खुद इसे क्यों नहीं रोक पा रहे?

मुत्ताकी ने सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तान को शांति चाहिए, तो अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी समूहों को काबू में क्यों नहीं कर पा रहे? अपने ही लोगों को खतरे में डालकर कुछ खास लोगों को खुश करने की कोशिश क्यों?

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर भी बोले मुत्ताकी- इस दौरान मुत्ताकी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के सैन्य तनाव पर भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जनता शांति चाहती है और अफगानिस्तान से अच्छे संबंध भी। हमें पाकिस्तान के आम लोगों से कोई शिकायत नहीं है। लेकिन कुछ ताकतें दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान की ओर से हमले हुए, तो अफगानिस्तान ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए जवाबी कार्रवाई की। हमने अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा किया और अब कतर और सऊदी अरब जैसे दोस्तों की अपील पर हम स्थिति को शांत करने के लिए रुके हैं। इसके साथ ही आखिर में मुत्ताकी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर पाकिस्तान शांति और अच्छे रिश्ते नहीं चाहता, तो अफगानिस्तान के पास और भी विकल्प मौजूद हैं। लेकिन हम युद्ध नहीं, शांति चाहते हैं।

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