सिंगरौली

धान खरीदी घोटाले पर सहकारिता विभाग मौन

एक साल बाद भी फर्जी पंजीयन कराने वालों पर कार्रवाई नहीं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली। जिले में सहकारिता विभाग की लापरवाही एक बार फिर सुर्खियों में है। धान खरीदी के फर्जी पंजीयन का मामला उजागर हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक फर्जी पंजीयन तैयार करने वाले ऑपरेटर और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रव नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कई किसानों के नाम पर फर्जी पंजीयन तैयार कर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। बावजूद इसके, विभागीय अधिकारी अब तक इस घोटाले की रिकवरी तक नहीं कर पाए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन अवैध भुगतानों के लिए जिम्मेदार कौन है, और कब तक यह मामला दबा रहेगा?
जानकारी यह भी सामने आई है कि मामले की जांच के दौरान कुछ अधिकारियों ने कलेक्टर को गुमराह कर फर्जी पंजीयन कराने वाले को बचाने की कोशिश की। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है। जनता और किसानों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि जब प्रमाण स्पष्ट हैं, तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
कई सामाजिक संगठनों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फर्जी पंजीकरण से किए गए भुगतानों की तत्काल रिकवरी की मांग की है। यदि जल्द ही प्रशासन इस मामले पर ठोस कदम नहीं उठाता, तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है और सहकारिता विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
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