खैरथल

चालीहा महोत्सव में गणमान्य अतिथियों का भव्य सम्मान, झूलेलाल भक्ति में सराबोर हुआ खैरथल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल। शहर के आनंद नगर कॉलोनी स्थित वरुण देव भगवान झूलेलाल मंदिर में चल रहे 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव के अंतर्गत भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं जनप्रतिनिधियों का झूलेलाल मंदिर के बाबा शीतलदास लालवानी, व्यवस्थापक अर्जुन दास बाबानी एवं महेश आडतानी द्वारा पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष मुखी मनोहरलाल रोघा, पूज्य सिंधी पंचायत अलवर के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, पूर्व सभापति हरीश रोघा, स्वामी ध्यानगिरी सेवा समिति के अध्यक्ष गोविंद रोघा, मुखी टीकम दास मुरजानी, सेवक लालवानी, नत्थूमल रामलानी, पूर्व चैयरमेन सुभाष जांगिड़, पूर्व पार्षद संजय जाटव, विक्रम यादव, नेमीचंद, अंकित चौधरी, सचिन नटराजन, टिंकू सरदार एवं हरविंदर सिंह का शॉल ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। समारोह में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने भगवान झूलेलाल के दर्शन कर प्रदेश एवं देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य सिंधी पंचायत खैरथल अध्यक्ष मुखी मनोहरलाल रोघा ने कहा कि चालीहा महोत्सव सिंधी समाज की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी में संस्कार और सेवा की भावना विकसित करते हैं।
 पूज्य सिंधी पंचायत अलवर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा ने कहा कि भगवान झूलेलाल का जीवन हमें प्रेम, भाईचारे और मानव सेवा का संदेश देता है। समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।नगर परिषद खैरथल के  पूर्व सभापति हरीश रोघा ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानव कल्याण, सेवा और सद्भाव है। भगवान झूलेलाल के आदर्श आज भी समाज को सत्य, संयम और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
स्वामी ध्यानगिरी सेवा समिति अध्यक्ष गोविंद रोघा ने कहा कि चालीहा महोत्सव केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और संस्कृति के संरक्षण का महापर्व है। हमें अपनी धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।
इसके बाद मंदिर में भगवान झूलेलाल की सामूहिक आरती, भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में विधि-विधान से पूजा कर अखंड ज्योत के समक्ष परिवार की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर में आकर्षक फूल सज्जा और रंग-बिरंगी रोशनी के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त तक चलने वाले चालीहा महोत्सव में प्रतिदिन सुबह-शाम भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन, भोग एवं प्रसाद वितरण का क्रम जारी रहेगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में भाग लेकर धर्म, सेवा और समर्पण का परिचय दे रहे है
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button