सिंगरौली
खुटार में स्वच्छता के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा..
सरपंच-सचिव की मिलीभगत से फैल रहा प्रदूषण, बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा...

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सिंगरौली जिले के खुटार ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान के नाम पर चल रहा बड़ा फर्जीवाड़ा अब खुलकर सामने आने लगा है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। सरपंच और सचिव की मिलीभगत से स्वच्छता कार्यों में जमकर धांधली की जा रही है। ग्राम पंचायत में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही गांव में कचरा खुले में डंप किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरपंच और सचिव अपने निजी स्वार्थ के चलते निर्धारित डंपिंग स्थल की जगह अन्य स्थानों पर कचरा डलवा रहे हैं। जहां करहिया में कचरा निपटान प्लांट तैयार किया गया है, वहां कचरा भेजने के बजाय गांव के बीचों-बीच गंदगी फैलाई जा रही है।
खुले में कचरे को जलाने से फैल रहा जहरीला धुआं…
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कचरा डंप करने के बाद उसमें आग लगा दी जाती है। इस दौरान कई बार वहां मौजूद आवारा जानवर भी आग की चपेट में आ जाते हैं और आधे जलकर मर जाते हैं। इससे पूरे इलाके में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। धुएं और दुर्गंध के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो चुका है।
स्कूल के पास कचरा डंप, बच्चों की जान खतरे में…
सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्राथमिक विद्यालय खुटार के ठीक सामने कचरे का ढेर लगा दिया गया है। जहां से प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए गुजरते हैं। धुएं और गंदगी के बीच बच्चों को सांस लेने तक में परेशानी होती है प्रधानाध्यापक ने इस संबंध में सरपंच को लिखित आवेदन देकर शिकायत की है कि स्कूल के सामने डलवाया गया कचरा तत्काल हटाया जाए, क्योंकि इससे बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।
फर्जीवाड़े की बू स्वच्छता योजना के बजट से जुड़ी…
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी स्वच्छता अभियान के बजट में हेराफेरी कर रहे हैं। रिकॉर्ड में सफाई कार्य दिखाकर लाखों रुपए का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गांव की गलियां गंदगी से पट चुकी हैं और नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं। जो कि पूरे मामले में प्रशासनिक अमला पूरी तरह मौन है। न तो पंचायत निरीक्षण किया गया है और न ही किसी जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। दूसरी ओर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।



