अम्बेडकर मिशन के सजग प्रहरी थे स्मृति शेष रामदास
लाखीपुर में श्रद्धांजलि सभा में हुआ बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर संवाद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी सुल्तानपुर। समाज कर्मी निर्वाण प्राप्त रामदास की स्मृति में रविवार को लाखीपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। श्रद्धांजलि सभा में रामदास के जीवन दर्शन की चर्चा करते हुए परिवार और समाज के लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। बौद्धाचार्यों ने भगवान बुद्ध और उनके धम्म और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की शिक्षाओं के अनुरूप आचरण के संदेश दिए।
पुलिस विभाग की सेवा से रिटायर हुए रामदास का कुछ दिन पहले घर के पास ही सड़क दुघर्टना में निधन हो गया था। रविवार को उनके पुत्र राकेश कुमार और राजेश अकेला की ओर से श्रद्धांजलि सभा सभा का आयोजन किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में बौद्धाचार्य वैरागी राम भारती,राम प्रताप बौद्ध, संजय कुमार शास्त्री,राम अंजोर बौद्ध और तुलसी राम बौद्ध ने बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर संवाद किया।
बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति के नियमों में शामिल हैं। व्यक्ति के अच्छे कार्य ही धरा पर रह जाते हैं। निर्वाण प्राप्त रामदास एक अच्छे इंसान थे , पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने में जीवन भर योगदान किया और एक सुशिक्षित, सुखी, समृद्ध परिवार का निर्माण किया। उनकी सामाजिक सेवाएं कभी भुलाई नहीं जा सकतीं।
बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरेश कमल ने स्मृति शेष रामदास को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रामदास जी कभी ढोंग, पाखंड और अंधविश्वास के चक्कर में नहीं फंसे और बच्चों को अच्छी शिक्षा दी।आज उनका परिवार बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के मिशन और मूवमेंट को समर्पित है।यही उनको सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। भगवान बुद्ध का मार्ग सबके लिए कल्याणकारी है।
भीमसेन इंटर कालेज के उप प्राचार्य डॉ शिवमिलन सरोज ने निर्वाण प्राप्त रामदास के साथ रहने के संस्मरण सुनाए और कहा कि पहली बार हमने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की जयंती उन्ही के साथ लाखीपुर में ही मनाई थी।वे अम्बेडकर मिशन के सजग प्रहरी थे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के एम डी इंजीनियर राम बरन, अवकाश प्राप्त शाखा प्रबंधक राम मिलन, सामाजिक कार्यकर्ता महेश बौद्ध, बामसेफ के जिला सह-संयोजक फूल चंद्र बौद्ध, रामचंद्र -परसांवा,कवि और शिक्षक राम चन्द्र सरस, श्याम लाल, अरूण कुमार बड़े बाबू, सूरज कुमार, विकास कुमार, राधेश्याम, बृजेश कुमार, ललित कुमार, कुल रोशन एडवोकेट, डॉ नन्हे लाल,राम प्रसाद, श्याम कुमार, मोती लाल,किसुन पाल, सत्यम् एडवोकेट, राकेश कुमार बौद्ध,छेदी लाल पासवान,मो इश्तियाक, जिया लाल बौद्ध ,नरेन्द्र कुमार,शिव प्राण आदि मौजूद रहे।

