
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाजियाबाद : गाजियाबाद के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF ) ने श्रीलंका में आए विनाशकारी चक्रवात दित्वाह से प्रभावित इलाकों में 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। कई क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 80 सदस्यों और चार खोजी कुत्तों की दो टीमें श्रीलंका भेजीं गई है जो वहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में श्रीलंका सरकार के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है I इन टीमों को आपदा ग्रस्त ईलाकों कडुवेला, बदुल्ला और पुट्टलम में तैनात किया गया है जहां पर यह बहुत ही सराहनीय कार्य कर रही है जिसमें इन्होंने अब तक 70 लोगों को बचाया गया है,80 से ज्यादा को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है इसके साथ ही मानव जाति को तो बचा ही जा रहा है इसके साथ-साथ पशुधन को भी सुरक्षित बाहर निकाल रहे है। श्रीलंकाई सुरक्षा बलों और प्रशासन की मदद से एनडीआरएफ की टीमें जरूरत मंद लोगो तक राहत सामग्री व भोजन के पैकेट भी वितरित कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ टीम भीषण मलबे में दबे लोगों को भी तलाश कर रही है, और कुछ शवों को बाहर निकाला गया है। टीम ने पुट्टलम से नौ महीने की गर्भवती महिला को भी सफलतापूर्वक बचाया है। प्रवीण कुमार तिवारी, कमाण्डेंट आठवीं वाहिनी एन0डी0आर0एफ0 के नेतृत्व वाली 80-सदस्यीय टीम में चार महिला बचावकर्मी भी शामिल हैं,जिन्हें स्थानीय महिलाओं की सहायता की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। एनडीआरएफ गाजियाबाद से अब तक लगभग 24 टन राहत सामग्री श्रीलंका के लिए भेजी गयी है। एनडीआरएफ की टीम दिन रात राहत अभियान में जुटी हुई है। एनडीआरएफ की टीम यह भी सुनिश्चित कर रही है कि खतरा चाहे जैसा भी हो लेकिन मानव जाति के अलावा पशुधन को भी इस आपदा से सुरक्षित जगह निकल कर भेजा जाए जिससे ज्यादा जनहानि ना होने पाए। आपदा के समय भारत सरकार का यह कदम एक सराहनीय कदम है जहां आपदा के समय एक देश दूसरी सहायता के लिए हमेशा सदैव तैयार रहते हैं उनमें से भारत एक ऐसा देश है चाहे किसी भी देश पर विपत्ति के समय भारत ने आगे बढ़कर हमेशा सहायता की है।

