गाजियाबाद
निबंधक विभाग के निजीकरण के विरोध में वकीलों व दस्तावेज लेखकों का धरना
उपनिबंधक कार्यालय का कामकाज रहा ठप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधक विभाग के निजीकरण की संभावित प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को राम पार्क स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर वकीलों और उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ, शाखा लोनी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने अपने-अपने चैंबर बंद रखे, जिससे कार्यालय का कार्य लगभग पूरी तरह ठप रहा।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे जनहित तथा रोजगार विरोधी कदम बताया। वक्ताओं ने कहा कि निबंधक विभाग का निजीकरण किए जाने से वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और उनसे जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा आम जनता को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ और विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ, शाखा लोनी के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को किसी भी विभाग के निजीकरण से पहले उससे जुड़े कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और हितधारकों की राय अवश्य लेनी चाहिए। उनका आरोप था कि निजीकरण की नीति बेरोजगारी बढ़ाने वाली है और इससे पारंपरिक रोजगार के अवसर समाप्त होने का खतरा पैदा हो जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जे पी शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेशभर में वकील और दस्तावेज लेखक एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि निबंधक विभाग के निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाए और विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जाएं। धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।




