गोड्डा
बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में महिलाओं की भूमिका अहम : डालसा
उत्क्रमित उच्च विद्यालय ,उर्दू कन्या, असनबनी, गोड्डा में लीगल लिटरेशी क्लास आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय ,उर्दू कन्या, असनबनी, गोड्डा में लीगल लिटरेशी क्लास आयोजित किया गया। इस दौरान डालसा की ओर से गठित टीम में शामिल एलएडीसी अजीत कुमार,अधिकार मित्र नवीन कुमार, मो़ हसीब आदि ने छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। कहा कि बाल विवाह आधुनिक समाज के लिए अभिशाप है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त कर जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में महिलाएं ही अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए 2006 में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम लाया गया । इसका कड़ाई से अनुपालन करने के लिए एक नवंबर 2007 को लागू किया गया। यह अधिनियम 18 वर्ष की बालिका व 21 बर्ष से कम आयू वर्ग के बालक का विवाह रोकता है। 2006 के बाद अब बाल विवाह को अवैध करार दिया गया है। बालक या बालिका को बहला फुसलाकर जबरदस्ती शादी कराने की स्थिति में जिला न्यायालय में वाद दाखिल किया जा सकता है । जबरन बाल विवाह करने की स्थिति में महिला पक्षकार को बालिग होने तक भरण पोषण पाने का अधिकार है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रतिरक्षण पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रधानाध्यापक नीलम राउत, शिक्षक मो. फैयाज व सुप्रिया कुमारी ने भी विचार व्यक्त किए।



