बागपत
विशेष साक्षात्कार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अतिथि: डॉ. अरविंद जैन (MBBS, DLO), प्रसिद्ध ENT सर्जन
प्रश्न 1: डॉक्टर साहब, सबसे पहले पाठकों को अपने प्रोफेशनल सफर के बारे में बताइए।
डॉ. अरविंद जैन:
मैंने MBBS पूरा करने के बाद DLO (Diploma in Otolaryngology) किया और ENT सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की। बीते वर्षों में हजारों मरीजों का उपचार कर चुका हूँ। नाक, गला, कान से संबंधित समस्याओं के आधुनिक इलाज और माइक्रो सर्जरी मेरी मुख्य विशेषताएँ हैं। मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि मरीज को कम से कम दर्द और ज्यादा से ज्यादा राहत मिले।
प्रश्न 2: आज ENT से जुड़ी सबसे आम समस्याएँ कौन–सी सामने आ रही हैं?
डॉ. अरविंद जैन:
पिछले कुछ सालों में साइनस, एलर्जी, टॉन्सिल इंफेक्शन, कान का बहना, कान में आवाज (Tinnitus) और सुनाई कम देना—ये समस्याएँ तेजी से बढ़ी हैं। प्रदूषण, खान–पान की अनियमितता और लगातार मोबाइल–ईयरफोन का उपयोग इसके बड़े कारण हैं। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों में बढ़ रही टॉन्सिल व एडिनोइड की बीमारी को लेकर है।
प्रश्न 3: क्या ईयरफोन का बढ़ता उपयोग कान की बीमारी को बढ़ा रहा है?
डॉ. अरविंद जैन:
बिलकुल! लाउड साउंड और लंबे समय तक ईयरफोन लगाने से कान की संवेदनशील नसें कमजोर पड़ जाती हैं। कई युवाओं में समय से पहले सुनने की क्षमता कम हो रही है। मेरा सुझाव है—60 मिनट से ज्यादा लगातार ईयरफोन न लगाएँ और वॉल्यूम 60% से ज्यादा न रखें।
प्रश्न 4: सर्दियों में गले और नाक की बीमारियाँ क्यों बढ़ जाती हैं?
डॉ. अरविंद जैन:
सर्दी में हवा सूखी होती है, जिससे नाक और गले का नैचुरल मॉइस्चर कम हो जाता है। ठंडा–गरम खाने, बंद कमरों की हवा और संक्रमण की चेन तेजी से फैलने के कारण मरीज बढ़ जाते हैं। इस मौसम में भाप (Steam) और गर्म पानी का सेवन बहुत लाभकारी होता है।
प्रश्न 5: क्या सर्जरी अब पहले से अधिक सुरक्षित हो चुकी है?
डॉ. अरविंद जैन:
हाँ, ENT सर्जरी अब हाई–टेक हो चुकी है। एंडोस्कोपिक टूल्स, माइक्रोस्कोपिक सर्जरी और लैजर तकनीक ने ऑपरेशन को बेहद सुरक्षित, कम रक्तस्राव वाला और जल्द ठीक होने वाला बना दिया है। मरीजों की रिकवरी पहले से दोगुनी तेज होती है।
प्रश्न 6: ग्रामीण क्षेत्रों में ENT जागरूकता कैसी है?
डॉ. अरविंद जैन:
ग्रामीण लोग अक्सर छोटी समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। कान बहना, साइनस, नाक में पॉलीप—ऐसी समस्याएँ समय रहते इलाज मांगती हैं। मेरी अपील है कि लोग ‘चलो ठीक हो जाएगा’ वाली मानसिकता छोड़ें और समय पर डॉक्टरी सलाह लें।
प्रश्न 7: ENT केयर के लिए आपका कोई विशेष संदेश?
डॉ. अरविंद जैन:
बहुत सरल बातें हैं—
कान में कभी भी खुद से कोई चीज़ न डालें।
बार–बार सर्दी होना सामान्य नहीं, इसकी जांच करवानी चाहिए।
बच्चे मुँह खोलकर सांस लेते हैं या खर्राटे लेते हैं तो इसे हल्के में न लें।
मोबाइल–ईयरफोन का संतुलित उपयोग करें।
भाप लेना, गुनगुना पानी पीना और सही जीवनशैली अपनाना ENT स्वास्थ्य की कुंजी है।
इंटरव्यू समापन पर – रिपोर्टर सुरेंद्र मलानिया की टिप्पणी
डॉ. अरविंद जैन न सिर्फ अनुभवी ENT सर्जन हैं, बल्कि अपने मरीजों के प्रति बेहद संवेदनशील और सेवाभाव से जुड़े चिकित्सक भी हैं। उनकी सलाह आज की भागदौड़ में हर इंसान के लिए उपयोगी है।



