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सर्किल रेट में राहत

लंबी कवायद के बाद अब भूमिधरी का अधिकार मिलने की राह आसान

देहरादून : 70 के दशक में सितारगंज में सौ विस्थापित परिवारों को भूमि का पट्टा दिया गया था। पहले 2016 का सर्किल रेट तय होने से लोगों को बड़ी रकम देनी पड़ रही थी।
कैबिनेट ने सितारगंज के कल्याणपुर में भूमि पट्टे के नियमितीकरण के लिए वर्ष-2004 के सर्किल रेट को मंजूरी दी है। इससे कल्याणपुर के सौ से अधिक परिवारों को खासी राहत होगी। पहले 2016 का सर्किल रेट तय हुआ था। इससे प्रति एकड़ करीब 38 लाख रुपये व्यक्ति को देना था।
सितारगंज कल्याणपुर में धारचूला और अल्मोड़ा मैग्नेसाइट के सौ से अधिक विस्थापितों को भूमि का पट्टा दिया गया था। इस भूमि पर भूमिधरी का अधिकार देने के लिए लंबी कवायद की गई। बाद में नियमितीकरण के लिए सर्किल रेट जुलाई-2025 में वर्ष-2016 के हिसाब से तय किया गया।
2004 के हिसाब से सर्किल रेट तय होने से मिलेगा राहत-इससे प्रति एकड़ नियमितीकरण के लिए करीब 38 लाख देने की व्यवस्था करनी थी। यह बड़ी राशि थी, इसका मुद्दा भी उठा था। इसके बाद सरकार ने सर्किल रेट 2004 के हिसाब से लेने को मंजूरी दी है। ऐसे में अब 38 लाख की तुलना में आधे से अधिक की राहत मिल सकने का अनुमान है।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा कहते हैं कि लोगों को राहत देने के लिए काफी समय से कोशिश चल रही थी। 2016 के हिसाब सर्किल रेट देने में मुश्किल की बात भी सामने आयी थी। उनकी परेशानी को सरकार ने समझा है, अब 2004 के हिसाब से सर्किल रेट तय किया गया है, इससे काफी राहत हो सकेगी।

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