गाजियाबाद
लोनी नगर पालिका में सफ़ाई व्यवस्था चरमराई
अधिकारी बने तमाशबीन — वार्ड 41 में गंदगी पर जनता का फूटा गुस्सा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाज़ियाबाद)। लोनी नगर पालिका क्षेत्र में सफ़ाई व्यवस्था की बदहाली अब प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन चुकी है। वार्ड 41 समेत पूरे क्षेत्र में कूड़े के ढेर, जाम नालियां और फैली गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, लेकिन नगर पालिका अधिकारी इस गंभीर स्थिति पर भी खामोश दर्शक बने हुए हैं। इसी उपेक्षा के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने सोमवार को पालिका परिषद का घेराव किया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व वार्ड 41 के पार्षद अंकुश जैन मिंकू ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए के बजट और संसाधन होने के बावजूद सफ़ाई व्यवस्था ज़मीन पर नजर नहीं आती। वार्ड में न तो पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं, न ही कूड़ा उठाने वाले वाहन। शिकायतों के बाद भी कर्मचारियों के क्षेत्र लगातार बदल दिए जाते हैं, जिससे नियमित सफ़ाई असंभव हो गई है।
पार्षद अंकुश जैन मिंकू ने अधिकारियों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि
“शासन के मानक होने के बावजूद न तो वार्ड में डस्टबिन उपलब्ध कराए गए, न ही पर्याप्त स्टाफ। लोग मजबूरी में कूड़ा सड़क और खाली प्लॉटों में फेंक रहे हैं। सफ़ाई के नाम पर सिर्फ कागज़ी काम होता है, मैदान में कुछ नहीं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद अधिशासी अधिकारी कार्यदायी संस्था पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, बल्कि उल्टा उसका कार्यकाल बढ़ाकर “शक के घेरे” में खड़े हो गए हैं।
वार्ड के लोगों का कहना है कि नियमित कूड़ा उठान न होने से गली-मोहल्लों में कचरे का साम्राज्य कायम है, मच्छरों और गंदगी से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आते। महिलाओं और बुजुर्गों ने कहा कि बच्चों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है, फिर भी प्रशासन केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित है।
घेराव के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा और नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा मौके पर पहुंचे। अध्यक्ष ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि
“अब आश्वासनों से काम नहीं चलेगा — कार्रवाई चाहिए, परिणाम चाहिए।”
लोगों ने मांग की कि सफ़ाई व्यवस्था की उच्च-स्तरीय जांच कर अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली की समीक्षा की जाए और उन्हें तत्काल हटाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
पार्षद अंकुश जैन मिंकू ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा व उग्र होगा।
“यह लड़ाई लोनी को साफ-सुथरा बनाने की है — और जब तक बदलाव नहीं होगा, संघर्ष जारी रहेगा।”


