सिंगरौली
गली-मोहल्लों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध स्पा सेंटर
लाइसेंस और सुरक्षा नियमों की उड़ रही धज्जियां

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। शहर के गली-मोहल्लों और रहवासी इलाकों में बिना लाइसेंस के स्पा सेंटर खुलने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। रहवासी क्षेत्रों में खुलेआम नैतिक गतिविधियों के संचालन के आरोप लग रहे हैं, जिससे कॉलोनियों का माहौल खराब हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम द्वारा एक भी स्पा सेंटर को लाइसेंस जारी नहीं किया गया, इसके बावजूद शहर भर में दर्जनों स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार नवानगर और बैढ़न क्षेत्र में सबसे अधिक स्पा सेंटर चल रहे हैं। कई स्पा सेंटर बाजार क्षेत्र के साथ-साथ रहवासी इलाकों और यहां तक कि छात्रावासों के पास भी संचालित हैं। एक मामले में तो छात्रावास से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्पा सेंटर चलने की बात सामने आई है। दिनभर स्पा सेंटरों में लगी भीड़ से मोहल्ले और कॉलोनी के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।
शासन द्वारा स्पा सेंटर संचालन के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, लेकिन जिले में इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। नियमों के अनुसार स्पा सेंटर खोलने से पहले नगरीय निकाय से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके अलावा केंद्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, दरवाजों में कुंडी न होना, पुरुष-महिला के लिए अलग-अलग कमरे और शौचालय, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, आने-जाने वालों का रजिस्टर में रिकॉर्ड तथा दरवाजों में शीशा होना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन अधिकांश स्पा सेंटरों में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
सूत्र यह भी बताते हैं कि कुछ लोग स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक संरक्षण के दम पर कारोबार चला रहे हैं, जिससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले वर्ष कोतवाली पुलिस द्वारा एक स्पा सेंटर में दबिश देकर एक दर्जन से अधिक युवतियों को रेस्क्यू किया गया था, जिनमें असम, बंगाल और दिल्ली की युवतियां शामिल थीं।
इस पूरे मामले में जब नगर निगम सिंगरौली के उपायुक्त आरपी वैश्य से चर्चा की गई, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर में संचालित किसी भी स्पा सेंटर ने लाइसेंस नहीं लिया है। सभी स्पा सेंटर अवैध रूप से चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम बनाना जरूरी है और पूर्व में भी नगर निगम द्वारा स्पा सेंटरों की जांच कर कार्रवाई की जा चुकी है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब नगर निगम को अवैध स्पा सेंटरों की जानकारी है, तो फिर इनके खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? शहरवासी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द अवैध स्पा सेंटरों पर कार्रवाई कर रहवासी इलाकों को इस परेशानी से मुक्त कराए।



