ललितपुर
भौंरट बांध परियोजना में अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग
पुनर्वास, मकान और परिसंपत्तियों का नहीं मिला मुआवजा

ग्रामीणों ने जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के लखनऊ आवास पर गुहार लगाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। तहसील महरौनी के ग्राम छपरट के दर्जनों विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों ने कृषि भूमि, आवासीय मकानों, ट्यूबबेल, हैंडपम्प, फलदार, इमारती पेड़ों और बगीचों का अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। घरों का मुआवजा नहीं मिलने से लोग अपने घर नहीं बना पा रहे हैं। पुराने मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं जब विभागीय अधिकारियों से मांग की जाती तो टालमटोल कर प्रभावितों को टरका दिया जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उन्हें 2022-23 में बड़े हुए सर्कल मूल्य डूब क्षेत्र में लागू किए जाने की मांग करते हुए कहा कि जिले में कृषि भूमि 15 लाख रुपए प्रति एकड़ चल रहा है। जबकि उन्हें 8 लाख रुपए प्रति एकड़ दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उनको अपना और आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। उन्होंने मंत्री से शीघ्र और उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में जगदीश सिंह ने किया, उनके साथ काशीराम, मानकदास, गज्जू, रामकली, बड़ी बहू, प्रीतम, चंद्रभान, अमान, ज्ञासीराम, मानकुंवर, जखौरा बाई, बड़ी बहू, गुडडी बाई, कामता प्रसाद, राजकुमार, जानकी, घंसू, भगवत आदि रहे।
