सिंगरौली
जादू-टोना के शक में दो लोगों की निर्मम हत्या
सिंगरौली के जियावान थाना क्षेत्र की घटना, पत्नी के गर्भपात का बदला लेने की आशंका; आरोपी गिरफ्तार, दो लोग घायल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले के जियावान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरवा के ग्राम लोहरा स्थित बैरिहवा टोला में गुरुवार तड़के जादू-टोना और अंधविश्वास के शक में दो लोगों की निर्मम हत्या से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आरोपी युवक ने दोनों को अपने घर बुलाकर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के दौरान बीच-बचाव करने आए दो अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि मृतकों की पहचान फूल कुमारी सिंह गौड़ (50 वर्ष) एवं केवल नारायण सिंह (65 वर्ष), दोनों निवासी बैरिहवा टोला के रूप में हुई है। आरोपित छत्रपति सिंह (21 वर्ष) ने दोनों बुजुर्गों को पूजा-पाठ के बहाने अपने घर बुलाया और घर के आंगन में बने चबूतरे के पास धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे सुमित्रा सिंह (38 वर्ष) एवं रामभजन सिंह (35 वर्ष) पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पत्नी के गर्भपात से जुड़ा शक
ग्रामीणों के अनुसार आरोपी की पत्नी का कुछ माह पूर्व गर्भपात हो गया था। आरोपी को शक था कि मृतक बुजुर्गों ने जादू-टोना किया, जिसके कारण गर्भपात हुआ। इसी शक के चलते उसने सुनियोजित तरीके से दोनों को घर बुलाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल के पास पूजा-पाठ की सामग्री मिलने से भी अंधविश्वास की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जियावान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीओपी देवसर और कुंदवार चौकी पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की समीक्षा की और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।



