सिंगरौली
निगाही में एनसीएल को मिले अमोनियम नाइट्रेट वेयरहाउस लाइसेंस पर ईएमडब्ल्यूए की आपत्ति
कलेक्टर को पत्र लिखकर एसोसिएशन ने उठाए दोहरे मापदंडों पर सवाल, समान नियम लागू करने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) को निगाही परियोजना क्षेत्र में अमोनियम नाइट्रेट (एएन) वेयरहाउस एवं एसएमई लाइसेंस दिए जाने पर एक्सप्लोसिव मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन (ईएमडब्ल्यूए) ने कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन ने 16 जनवरी को जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मांग की कि जैसे निजी कंपनियों को अपने प्लांट 20–30 किमी दूर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए, उसी तरह एनसीएल को भी खनन क्षेत्र से बाहर वेयरहाउस स्थापित करने को कहा जाए। पत्र की प्रति एनसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर को भी भेजी गई है।
लाइसेंस की प्रक्रिया पर सवाल
पत्र में बताया गया है कि एनसीएल प्रबंधन के अनुरोध और जिला प्रशासन की संस्तुति के बाद पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा निगाही में एएन वेयरहाउस का नया लाइसेंस जारी किया गया। दूसरी ओर, एसोसिएशन के सदस्यों को वैढ़न औद्योगिक क्षेत्र से अपने बल्क एक्सप्लोसिव प्लांट हटाने तथा हर तीन महीने में संचालन के लिए एनओसी लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
एसोसिएशन का आरोप है कि निगाही जैसे रिहायशी क्षेत्र से मात्र लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर वेयरहाउस और विस्फोटक सप्लाई की अनुमति दी जा रही है, जबकि उसी सुरक्षा मानकों का हवाला देकर निजी कंपनियों को औद्योगिक क्षेत्र से बाहर जाने को मजबूर किया गया।
“विरोधाभासी रुख” पर तीखी प्रतिक्रिया
ईएमडब्ल्यूए के अनुसार, एनसीएल को विस्फोटक आपूर्ति करने वाली सात कंपनियों में से अधिकांश ने प्रशासनिक निर्देशों के बाद वैढ़न से बाहर नए प्लांट स्थापित किए हैं, जिन पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है। एसोसिएशन का कहना है कि एक ओर निजी उद्योगों पर सख्ती और दूसरी ओर एनसीएल को उसी खनन क्षेत्र में भंडारण-सप्लाई की छूट देना स्पष्ट रूप से दोहरे मापदंड दर्शाता है।
इनका कहना है।
इस संबंध में जब कलेक्टर गौरव बैनल से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि एसडीएम कार्यालय द्वारा एनसीएल एवं संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।



