हापुड़ के दौताई में SIR प्रक्रिया की जांच में मिली बांग्लादेशी महिला …
पुलिस ने पासपोर्ट , वीज़ा , बांग्लादेशी करेंसी, बांग्लादेश में बढ़ने पहचान पत्र किए बरामद ...

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
फरवरी 2021 में दिल्ली के निजामुद्दीन में हुआ था हापुड निवासी मशरूफ का बांग्लादेश निवासी महमूदा खातून के साथ निकाह…
रानी बेगम के नाम से हापुड में रह रही थी बांग्लादेशी पत्नी महमूदा खातून…
हापुड (यूपी) – हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव दौताई में कथित बांग्लादेशी महिला महमूदा खातून के ‘रानी बेगम’ के नाम से पहचान बनाए जाने का मामला उजागर हुआ है । निर्वाचन प्रक्रिया की SIR प्रक्रिया में बांग्लादेशी महिला की पहचान उजागर हुई है । फर्जी दस्तावेज़ों पर दिल्ली के निजामुद्दीन में है था निकाह । ग्राम दौताई के प्रधान अफसाना के फर्जी लेटर बनाकर बनाए कागज़ात के सहारे पहचान बनाने का आरोप । ग्राम प्रधान अफसाना ने कोतवाली गढ़ में शिकायत की । हापुड में SIR की सत्यापन की प्रक्रिया संदेह के घेरे में आई ।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद की गढ़मुक्तेश्वर तहसील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव दौताई में कथित बांग्लादेशी महिला महमूदा खातून द्वारा ‘रानी बेगम’ नाम से पहचान बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा परिवार के लोगों से पूछताछ करने के लिए जब घर पर पहुंची तो पुलिस को संदिग्ध एक लेडीज पर्स बरामद हुआ । जिसके अंदर बांग्लादेश के अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं । पुलिस ने बैग से महमूदा खातून और उसकी बेटी रोजा का वीजा और पासपोर्ट भी बरामद किया है । बांग्लादेश में बने दस्तावेजों और करेंसी को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है ।
जानकारी के अनुसार , SIR की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान एक महिला की पहचान उजागर हुई है , जिसमें उसके बांग्लादेशी होने की बात सामने आई। आरोप है कि महमूदा खातून ने फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे न केवल अपनी पहचान स्थापित की बल्कि उसी आधार पर निकाह भी किया। महिला के पास गढ़मुक्तेश्वर तहसील का पहचान पत्र भी बना हुआ मिला है । बैग से प्राप्त कागजातों में एक निकाहनामा से पता लगा कि , गढ़ तहसील के ग्राम दोताई के रहने वाले मशरूफ का निकाह बांग्लादेश की रहने वाली महमूदा खातून से 11 फरवरी 2021 को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में हुआ । निकाह में दिल्ली के बाटला हाउस के दो व्यक्ति गवाह भी बने हैं । महमूदा खातून का नाम बदलकर रानी बेगम कर दिया गया और वह अपने पति मसरूफ के साथ चोरी चुपके गढ़मुक्तेश्वर के दौताई गांव में रहने लगी । इस निकाह से महमूदा खातून उर्फ रानी बेगम के तीन बच्चे दो बेटी और एक बेटा हुआ जिसमें बड़ी बेटी रोजा का जन्म बांग्लादेश में 2023 में हुआ था । प्राप्त कागजातों में बांग्लादेश में बना रोजा का बर्थ सर्टिफिकेट भी मिला है । इसके साथ ही रोजा का पासपोर्ट भी मिला है । जबकि मशरूफ सऊदी अरब में ड्राइवरी की नौकरी करता है । इसी दौरान हापुड में SIR की वोटर लिस्ट की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई । जिसमें महमूद खातून के जब डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी पाई गई तो इस बात का खुलासा हुआ। महमूदा खातून उर्फ रानी बेगम और उसके पति मसरूफ दोनों इस समय फरार हैं । पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
गढ़ कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि, पुलिस की टीम जब मसरूफ के घर पर पहुंची तो उसकी पत्नी महमूद खातून का एक पर्स बरामद हुआ है जिसके अंदर बांग्लादेश से बने अहम दस्तावेज मिले हैं । जिसमें उसका बांग्लादेश का पासपोर्ट तथा वीज़ा बरामद हुआ है। पुलिस ने सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच में जुटी हुई है।




