झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय छात्रावास में आग के बाद निरीक्षण
Inspection after fire in Jharkhand Girls Residential School Hostel

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
लातेहार। जिला के बारियातू प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में संचालित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के छात्रावास में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गयी थी। इस घटना के बाद विद्यालय परिसर में भय और दहशत का माहौल है। इसी क्रम में बुधवार को जिला परिषद सदस्य रमेश राम ने बरछियां स्थित जबरा रोड में निर्माणाधीन झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिप सदस्य राम ने कहा कि बीते मंगलवार को आयोजित जिला परिषद की बैठक में उन्होंने छात्रावास में लगी आग की घटना और निर्माणाधीन भवन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से भवन निर्माण का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। इसका खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्राओं की संख्या के अनुपात में जगह की कमी है, जिससे वे लंबे समय से कठिनाई में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शीघ्र ही भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाये और निर्माण की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाये। उधर आगजनी के मामले को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त के निर्देश पर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता राजदेव मेहता, भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अजीत कुमार दास और अग्नि विभाग के अधिकारी भूपाल कुमार दास ने भी संयुक्त रूप से आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मेहता ने कहा कि शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए विद्यालय भवन में उचित वायरिंग के साथ-साथ एमसीबी, आरटीबी, आरसीसीडी और आरसीसीबी जैसे आवश्यक उपकरणों का लगना अनिवार्य है। वहीं भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दास ने कहा कि संचालित आवासीय विद्यालय भवन के छात्रावास कीछत पर भारी सामान रखा गया है, जिसे तत्काल हटाना आवश्यक है। अग्नि विभाग के अधिकारी दास ने सुझाव दिया कि विद्यालय परिसर का मुख्य द्वार बड़ा होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में अग्निशमन वाहन आसानी से अंदर प्रवेश कर सके। साथ ही छात्रावास के प्रत्येक कमरे में फायर एक्सटिंग्विशर एवं दो दो एरजेस्ट फाइन लगाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे कमरे में 40-50 छात्राओं को रखना गलत है, इससे किसी भी आपदा की स्थिति में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इधर, लातेहार बाल विकास समिति की प्रभारी आशा कुसुम तिग्गा, कुंदन गोपाल और विकास कुमार ने भी विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह घटना शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ है भाग्यशाली रहा कि सभी छात्राएं खेल में थे। अन्यथा यह बड़ी घटना हो सकती थी आगे कहा इतने कम जगह पर 225 छात्रा का रहना उचित नहीं है।उपायुक्त के निर्देश पर झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय को शीघ्र ही बालूमाथ शिफ्ट किया जायेगा। वार्डन कांती कुजूर ने जानकारी दी कि विभाग की ओर से आग से प्रभावित छात्राओं को ड्रेस, थाली उपलब्ध करा दी गयी है। साथ ही बीआरसी कार्यालय के माध्यम से दस छात्राओं को किताबें भी दी गयी हैं।



