कैराना
यमुना नदी में डूबे छात्र का शव 30 घंटे बाद बरामद
डेढ़ किलोमीटर दूर से निजी गोताखोरों ने बाहर निकाला शव, परिवार में मचा कोहराम

बिना पोस्टमार्टम कराए शव को साथ ले गए परिजन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। यमुना ब्रिज के निकट गत दिवस चचेरे भाई को बचाने के दौरान गहरे कुंड में समाए छात्र विमल का शव करीब 30 घंटे की मशक्कत के बाद निजी गोताखोरों ने बरामद कर लिया है। डेढ़ किलोमीटर दूर से शव बाहर निकाले जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। हालांकि, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए। उन्होंने सरकार से मुआवजे की भी मांग की है।
बरेली जिले के अलीगंज क्षेत्र के गांव मंसापुर निवासी नरदेव और अरविंद अपने परिवारों के साथ हरियाणा के पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र में रहते हैं। शनिवार सुबह करीब सवा नौ बजे भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के अवसर पर दोनों परिवारों के सदस्य और आसपास रहने वाले करीब 20 लोग यमुना स्नान के लिए कैराना में ब्रिज के निकट पहुंचे थे। स्नान के दौरान अरविंद का नौ वर्षीय पुत्र विवेक अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। यह देखकर उसके चचेरे भाई और नरदेव का 18 वर्षीय पुत्र विमल उसे बचाने के लिए पानी में आगे बढ़ गया, तो वह गहरे कुंड में समा गया था। परिजनों के शोर मचाने पर यमुना पर मौजूद कुर्बान को यमुना में छलांग लगाकर विवेक को सकुशल बाहर निकाल लिया था, जबकि विमल का कोई सुराग नहीं लग सका था। बाद में करीब 11 निजी गोताखोरों को यमुना में सर्च अभियान में लगाया गया था। एसडीएम शिवाजी यादव, सीओ हेमंत कुमार और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने भी हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई थी। देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं लगने पर रात में सर्च अभियान रोक दिया गया था। रविवार को सुबह फिर से गोताखोरों ने तलाश शुरू की। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे निजी गोताखोर बिल्लू उर्फ मुस्तकीम, साजिद और इसरान ने घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर विमल का शव बरामद कर लिया। शव मिलते ही परिजनों में चीख—पुकार मच गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
एक साल बाद विमल की शादी का था इरादा
परिजनों ने बताया कि विमल पानीपत में 11वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। वह दो भाइयों में बड़ा था। उसकी तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक छोटी बहन भी है। परिजनों ने बताया कि अगले वर्ष विमल की शादी करने का इरादा था। परिवार में उसकी शादी को लेकर भविष्य की योजनाएं बनाई जा रही थी, लेकिन यमुना हादसे में उसकी मौत से तमाम खुशियां मातम में बदल गई।
परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
विमल की मौत के बाद परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता जाने की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि विमल परिवार का होनहार बेटा था। उसके पिता ई—रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं।
गोताखोरों की मांग, संसाधन और स्थायी नियुक्ति मिलें
निजी गोताखोर साजिद, बिल्लू उर्फ मुस्तकीम व इसरान ने बताया कि वह इंसानियत के नाते यमुना में होने वाले हादसों के बाद तलाश अभियान में जुट जाते हैं। अब तक कई लोगों की जान भी बचाई जा चुकी है। उनका कहना है कि उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से यमुना पर गोताखोरों की स्थायी नियुक्ति किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि गोताखोरों को आवश्यक संसाधन कराए जाए, तो हादसों की रोकथाम की जा सकती है। मानदेय से उनके परिवारों का गुजारा भी चल जाएगा।
बरेली जिले के अलीगंज क्षेत्र के गांव मंसापुर निवासी नरदेव और अरविंद अपने परिवारों के साथ हरियाणा के पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र में रहते हैं। शनिवार सुबह करीब सवा नौ बजे भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के अवसर पर दोनों परिवारों के सदस्य और आसपास रहने वाले करीब 20 लोग यमुना स्नान के लिए कैराना में ब्रिज के निकट पहुंचे थे। स्नान के दौरान अरविंद का नौ वर्षीय पुत्र विवेक अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। यह देखकर उसके चचेरे भाई और नरदेव का 18 वर्षीय पुत्र विमल उसे बचाने के लिए पानी में आगे बढ़ गया, तो वह गहरे कुंड में समा गया था। परिजनों के शोर मचाने पर यमुना पर मौजूद कुर्बान को यमुना में छलांग लगाकर विवेक को सकुशल बाहर निकाल लिया था, जबकि विमल का कोई सुराग नहीं लग सका था। बाद में करीब 11 निजी गोताखोरों को यमुना में सर्च अभियान में लगाया गया था। एसडीएम शिवाजी यादव, सीओ हेमंत कुमार और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने भी हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई थी। देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं लगने पर रात में सर्च अभियान रोक दिया गया था। रविवार को सुबह फिर से गोताखोरों ने तलाश शुरू की। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे निजी गोताखोर बिल्लू उर्फ मुस्तकीम, साजिद और इसरान ने घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर विमल का शव बरामद कर लिया। शव मिलते ही परिजनों में चीख—पुकार मच गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
एक साल बाद विमल की शादी का था इरादा
परिजनों ने बताया कि विमल पानीपत में 11वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। वह दो भाइयों में बड़ा था। उसकी तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक छोटी बहन भी है। परिजनों ने बताया कि अगले वर्ष विमल की शादी करने का इरादा था। परिवार में उसकी शादी को लेकर भविष्य की योजनाएं बनाई जा रही थी, लेकिन यमुना हादसे में उसकी मौत से तमाम खुशियां मातम में बदल गई।
परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
विमल की मौत के बाद परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता जाने की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि विमल परिवार का होनहार बेटा था। उसके पिता ई—रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं।
गोताखोरों की मांग, संसाधन और स्थायी नियुक्ति मिलें
निजी गोताखोर साजिद, बिल्लू उर्फ मुस्तकीम व इसरान ने बताया कि वह इंसानियत के नाते यमुना में होने वाले हादसों के बाद तलाश अभियान में जुट जाते हैं। अब तक कई लोगों की जान भी बचाई जा चुकी है। उनका कहना है कि उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से यमुना पर गोताखोरों की स्थायी नियुक्ति किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि गोताखोरों को आवश्यक संसाधन कराए जाए, तो हादसों की रोकथाम की जा सकती है। मानदेय से उनके परिवारों का गुजारा भी चल जाएगा।


