बरेली
कर्मा पूजा में गूंजा आदिवासी लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य ने मन मोहा
प्रकृति के देवता कर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना में पारंपरिक परिधानों में थिरके आदिवासी समाज के लोग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बरेली। आदिवासी समाज का कर्मा पूजा पर्व परंपरागत रीति-रिवाज और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, परंपरा और लोक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। ढोल और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच कलाकारों ने आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। आदिवासी उत्थान कल्याण समिति के तत्वावधान में राज कर्मा भादो एकादशी के अवसर पर बरेली में 30वें आयोजन में प्रकृति के देवता कर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। पूजा के बाद पारंपरिक परिधान धारण कर लोक संगीत की धुनों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साह से भाग लिया।
मुख्य अतिथि उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं उद्यमी डॉ. पवन सक्सेना ने कहा कि आदिवासी समाज देश की लोक संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण संवाहक है। आदिकाल से लेकर आज तक आदिवासी समाज ने राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। बरेली में रह रहा आदिवासी समाज अपनी परंपराओं को जीवंत रखते हुए स्थानीय लोगों को भी समृद्ध लोक विरासत से परिचित करा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि बरेली के लोकप्रिय पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय संतोष कुमार गंगवार जी को राष्ट्रपति द्वारा झारखंड के राज्यपाल के रूप में भेजा गया है।
समारोह में आदिवासी उत्थान सेवा समिति की ओर से समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। इस दौरान बेलस खल्खो, अमोन लकड़ा, भद्र गुप्त, धमेश्वर, अर्जुन भगत, संजीव उरांव, सोने सिंह, बसंत लाल समेत समाज के कई लोग मौजूद रहे।




