सिंगरौली

आदर्श ग्राम कोरसर में नवांकुर योजना अंतर्गत हरियाली यात्रा कार्यक्रम संपन्न

"एक पेड़ सौ पुत्र समान":- डॉ स्वाति सिंह चंदेल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली ।  मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक तहसील ब्लाक में महिलाओं को प्रकृति से जोड़ने का कार्यक्रम को लेकर नवांकुर संस्थाओं द्वारा चयनित आदर्श ग्रामों में किया जा रहा है उसी तरह जिले के चितरंगी तहसील अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत कोरसर मुख्य अतिथि कमलेंद्र प्रताप सिंह जिला पंचायत सदस्य सिंगरौली, कोरसर सरपंच डा. स्वाति सिंह चंदेल,जिला समन्वयक राजकुमार विश्वकर्मा, ब्लॉक समन्वयक चितरंगी, नवांकुर संस्था के अध्यक्ष रामसूरत विश्वकर्मा, सचिन सिंह चंदेल, लालधारी जायसवाल, जग प्रसाद सीमा भारती, सत्यनारायण मौर्य संजीव कुमार मौर्य, सचिव एवं रोजगार सहायक, अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता सेक्टर के पदाधिकारीयो के नेतृत्व में विधिवत तय रूप रेखा के अनुसार नवांकुर सखी हरियाली महोत्सव कलश यात्रा वृक्षारोपण कार्यक्रम कराया गया, जीसमें संस्था द्वारा 1100 पौधे तैयार कर 5-5 पौधे का वितरण किया गया, जिसमें सर्वप्रथम भारत माता के प्रतिमा पर मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर पुष्पगुच्छ समर्पित किया गया तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया साथ ही साथ उपस्थित नवांकुर सखियों को कार्यक्रम की विशेषता के बारे में बताया गया इसके बाद नवांकुर सखिओ द्वारा बाजे-गाजे एवं पेड़ के साथ कलश यात्रा निकालकर प्रकृति संरक्षण पर्यावरण सुरक्षा वृक्षारोपण का संदेश दिया, साथ ही साथ उपस्थिति कार्यक्रम में नवांकुर सखियों को पौधों का भी वितरण किया गया और उन्हें विधिवत बताया गया कि जो पौधे दिए जा रहे हैं उन्हें आप अपने खेतों में लगाकर बच्चों की तरह पालन पोषण भी करना है, बस इतना ही नहीं पेड़ आक्सीजन प्रदान करते हैं पेड़ प्रकाश संश्लेषण नमक प्रक्रिया के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके ऑक्सीजन छोड़ते हैं, सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पौधों में पीपल, बरगद, और नीम, जैसे पेड़ शामिल है यह पौधे न केवल दिन में बल्कि रात में भी ऑक्सीजन छोड़ते हैं इसके अलावा एरेका पाम को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाला इनडोर पौधा माना जाता है, यह पौधा न केवल हवा को शुद्ध करता है बल्कि नमी के स्तर को बनाए रखने में भी मदद करता है, ऐसा ऐतिहासिक कार्यक्रम देखने को मिला जो पर्यावरण के क्षेत्र में नवांकुर सखियों के माध्यम व जन सहयोग से निश्चय ही पर्यावरण संरक्षण कारगर साबित होगा।
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