धनबाद

बेरमो में अवैध कोयला तस्करी जारी, विधायक सरयू राय ने सीएम हेमन्त सोरेन को लिखा लेटर

Illegal coal smuggling continues in Bermo, MLA Saryu Rai writes to CM Hemant Soren

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बोकारो। झारखण्ड के कई जिलों में कोयले का अवैध कारोबार लगातार जारी है। जिसे लेकर विधायक सरयू राय ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरे मामले में गंभीर कार्रवाई की मांग की है।अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट,सरयू राय ने अपने पत्र में लिखा है कि बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल के कई क्षेत्रों जैसे पेंक नारायणपुर, नावाडीह, दुग्धा, पेटरवार, बोकारो थर्मल, कथारा ओपी और तेनुघाट ओपी में अवैध कोयले का व्यापार बेखौफ जारी है। स्थानीय नागरिकों ने उन्हें ठोस सबूतों के साथ सूचनाएं भेजी हैं कि प्रशासन और पुलिस को जानकारी देने के बावजूद यह धंधा बंद नहीं हुआ है।अखंड भारत से अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट,पत्र में उन्होंने लिखा कि यह कारोबार अब थाना स्तर से आगे बढ़कर रामगढ़, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, रांची और बोकारो के संगठित गिरोहों द्वारा संचालित हो रहा है। इन धंधेबाजों का शासन-प्रशासन में गहरा प्रभाव है और ये थाना में पदस्थापित पुलिस अधिकारियों को हटाने तक की धमकी देते हैं। कोयला तस्कर अब बाइक, वैन, ट्रैक्टर और ट्रक के माध्यम से दिन-रात कोयला ढो रहे हैं। विधायक ने कहा कि इन अवैध कारोबारियों में पुलिस-प्रशासन का कोई भय नहीं दिखता, बल्कि ये खुलेआम पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई अवैध फैक्ट्रियां बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं, जो खुले आसमान के नीचे कोयला पोड़ा कर रही हैं, जिससे ग्रामीणों को कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे घातक प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।सरयू राय ने कुछ फैक्ट्रियों के नाम भी पत्र में उल्लेखित किए हैं, जिनमें नावाडीह की चिरुडीह स्थित रूबी कोल फैक्ट्री, पेंक नारायणपुर की पिलपिलो स्थित जगदंबा कोल फैक्ट्री (रामा हरिया), पेटरवार की पिछरी स्थित निषाद कोल फैक्ट्री और गिरिडीह (निमियाघाट) की पोरदाग और खाकी स्थित कोल फैक्ट्रियां शामिल हैं। बताया गया है कि इन फैक्ट्रियों में शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक चोरी का कोयला पहुंचाया जाता है। सरयू राय के अनुसार, कोयले की चोरी मुख्य रूप से सीसीएल के बी एंड के, कथारा और ढोरी क्षेत्र की खदानों से हो रही है। सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने बताया कि कोयले के परिवहन में प्रति मोटरसाइकिल ₹3,000, प्रति वैन
50,000- 60,000 रुपया और प्रति ट्रैक्टर 1,000 रुपया प्रतिमाह तक की अवैध वसूली की जाती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क पर तत्काल रोक लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button