ललितपुर
कवि सम्मेलन व मुशायरे में गूंजे एकता और प्रेम के स्वर
रामकृष्ण कुशवाहा फिर से अध्यक्ष चुने गए
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
ललितपुर। कौमी एकता की प्रतीक साहित्यिक संस्था हिंदी-उर्दू-अदबी संगम के पुनर्गठन के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्व पार्षद एवं पत्रकार शान्तासागर साहू के फार्म हाउस स्थित स्विमिंग पूल परिसर में आयोजित हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में श्रोताओं ने गीतों और गजलों का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सीएमएस डा. खेमचन्द्र वर्मा कबीर ने की, जबकि संचालन रामकृष्ण कुशवाहा एड.द्वारा किया गया। सर्वसम्मति से रामकृष्ण कुशवाहा एड.को फिर से अध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ कवयित्री सुमनलता चांदनी, महामंत्री पद पर राधेश्याम ताम्रकार तथा कोषाध्यक्ष पद पर सरवर हिंदुस्तानी को चुना गया। साथ ही 11 सदस्यों का चयन किया गया और संरक्षक मंडल में डा.खेमचन्द्र वर्मा, रामप्रकाश शर्मा व वरिष्ठ शायर एम.आर. खान को मनोनीत किया गया। वक्ताओं ने वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज दुनिया को युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध के सिद्धांतों की आवश्यकता है। शायरों और कवियों ने अपने-अपने अंदाज में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सरोकारों पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। रामकृष्ण कुशवाहा ने कहा कि बारूद की खेती अच्छी नहीं, बमों की बंद बरसात करो, हाथ तो बहुत मिलाया है, अब दिल मिलाने की बात करो। सुमनलता चांदनी ने गजल पेश करते हुए कहा कि यादों के झरोखों से जब हम ख्वाबों को सजाते हैं, चांद जैसे चेहरे हमें अक्सर याद आते हैं। राधेश्याम ताम्रकार ने कहा कि जिसको दुनिया की हकीकत का पता होता है, उसके जीने का सलीका ही जुदा होता है। वहीं हलीम झांसीवी ने शेर पढ़ा कि फेंका हुआ किसी का न छीना हुआ मिले, मुझको मुझे नसीब का लिखा हुआ मिले। अन्य रचनाकारों में सुधर सिंह यादव निरंतर, एम.आर. खान, सरवर हिंदुस्तानी सहित कई कवियों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में डा.खेमचन्द्र वर्मा कबीर ने रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि माटी से हम माटी के तुम, माटी जगत पसारा, माटी से ही जीवन मिलता है, माटी नहीं है खारा। कार्यक्रम में पुष्पेन्द्र सिंह परमार, कमल कुशवाहा, सुनील राठौर, शिवम साहू, राहुल जैन (पत्रकार), शीलचंद्र जैन, शिवम परिहार, रवि साहू, सिद्धू यादव, अनिल यादव, नारायण सिंह यादव, शशिकांत, शुभम गुप्ता, अंकुश साहू, राजकुमारी कुशवाहा, साकी साहू, लक्ष्मी राठौर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत में काशीराम साहू बाबा को साहित्यकारों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम आयोजक शान्तासागर साहू ने सभी कवियों, शायरों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।