असम

असम उन्नयन परिषद द्वारा कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा

परिषद ने किया सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज करने का ऐलान। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम के कृषि विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसे असम उन्नयन परिषद (AUP) ने विभिन्न सुत्रो से प्राप्त जानकारी के आधार पर उजागर किया है। परिषद द्वारा दावा किया गया है कि विभागीय अधिकारियों और आपूर्तिकर्ता संस्थाओं ने मिलीभगत से कई करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन किया, जिससे आम किसान सरकारी सहायता से वंचित रह गए। ये आरोप कृषि योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ​जानकारी के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कई लाख भूमिहीन किसानों को कई करोड़ रुपये सहायता देने का दावा किया गया था, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण धन बैंक खातों में नहीं पहुंचा। आरोप अनुसार आलू आपूर्ति के नाम पर 4 लाख 80 हजार क्विंटल आलू के कागजी रिकॉर्ड बनाकर 50 करोड़ रुपये का गबन किया गया, जिसमें निम्न गुणवत्ता या अस्तित्वहीन आलू के विवरण दिए गए। माटी माह के बीज आपूर्ति में असम बीज निगम के माध्यम से घटिया बीजों की आपूर्ति कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया, और उदालगुड़ी में भी 60 करोड़ से अधिक का घोटाला होने का आरोप लगाया गया है ​। किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान होने के उपलक्ष्य पर संगठन के अधिकारीयों ने कहा कि, इस भ्रष्टाचार से असम के किसान समुदाय को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि सरकारी योजनाओं का लाभ उनके हाथ नहीं लग पाया और दोषी अधिकारियों ने फायदा उठाया। असम उन्नयन परिषद ने आरटीआई जानकारी एकत्र कर जनता को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई, ताकि सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता बढ़े। संगठन ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार कर सरकार द्वारा मुकदमा चलाया जाए, लूटी गई राशि वापस ली जाए और विधानसभा में विषय उठाया जाए, जिससे किसानों के अधिकार सुरक्षित हों। इसके अलावा संगठन भी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की बात कर रहे हैं। संगठन के अध्यक्ष मौसुम कुमार उजीर और मुख्य सचिव चंदन बरदलै ने जल्द ही इस मामले पर देश के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट में संगठन के ओर से केस दर्ज करने की बात को दोहराया। अब देखना यह है कि क्या सरकार द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया जायेगा और दोषियों को सजा मिलेगा या सरकार इसे हल्के में लेकर इस भष्टाचार को पनाह देगा।

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