शामली
मदरसा इस्लामिया रफीकुल उलूम के सालाना जलसे में गूंजी कुरआन की तालीम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र के ग्राम जिजौला स्थित मदरसा इस्लामिया रफीकुल उलूम में मंगलवार को सालाना जलसे का आयोजन अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। यह जलसा मरहूम हजरत अल्लामा रफीक साहब भैसानी की याद में आयोजित हुआ, जिसमें दूर-दराज़ से आए उलेमा-ए-किराम और बड़ी तादाद में लोगों की मौजूदगी ने माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम का आगाज तिलावते कुरआन पाक से हुआ, जिसके बाद नात और तकरीरों का सिलसिला शुरू हुआ। जलसे की खास बात हिफ्ज-ए-कुरआन मुकम्मल करने वाले बच्चों की दस्तारबंदी रही। हाफिज बने मोहम्मद जाबिर को विशेष सम्मान दिया गया। वहीं बालिकाओं में जेनब, बुशरा, फरहत, रेशमा, सोफिया और सुहाना की दस्तारबंदी कर उन्हें शील्ड देकर सम्मानित किया गया। मौजूद लोगों ने बच्चों और उनके अभिभावकों को मुबारकबाद दी।
मुख्य वक्ता मौलाना अतहर हसन ने अपने खिताब में इल्म की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि दीनी तालीम इंसान को सही राह दिखाती है। उन्होंने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम हासिल करने की नसीहत की। अन्य उलेमा—मुफ्ती अकमल भैसानी, मौलाना मुजफ्फर दौलतपुर, मुफ्ती रिजवान गंगोह, मुफ्ती यहया मेरठ, मौलाना शौकत कुंडा और मौलाना इलियास कैराना—ने भी कुरआन व सुन्नत की रोशनी में जिंदगी गुजारने और समाज में अमन व भाईचारा कायम रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन, शांति और भाईचारे के लिए खास दुआ कराई गई। संचालन कारी अब्दुल वाजिद ने किया, जबकि मदरसे के सदर मौलाना सनव्वर ने आए मेहमानों का आभार जताया।


