अलवर
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के उप क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया गया सेमिनार का आयोजन
नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों को किया गया स्त्री योजना के लाभ के संबंध में जागरूक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अलवर । कर्मचारी राज्य बीमा निगम के उप क्षेत्रीय कार्यालय अलवर के संयुक्त निदेशक मुकेश चन्द्र मीणा की अध्यक्षता में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ऑडिटोरियम में आज श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा शुरू की गई स्त्री (SPREE) योजना के संबंध में औद्योगिक संगठनों एवं नियोक्ताओं को जागरूक करने हेतु सेमिनार का आयोजन किया गया।उप क्षेत्रीय कार्यालय के सयुक्त निदेशक मुकेश चन्द्र मीणा ने योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को दी जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रम मंत्रालय के तत्वावधान में शुरू की गई यह योजना ईएसआई अधिनियम के तहत सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने की एक विशेष पहल है। यह योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में अपंजीकृत नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों जिनमें संविदा एवं अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हैं को बिना किसी निरीक्षण या पिछली देनदारी की मांग के ईएसआईसी में पंजीकरण का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि नियोक्ता अपनी इकाइयों और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल, एवं एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की वैधता नियोक्ता द्वारा घोषित तिथि से मानी जाएगी और पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए कोई अंशदान या निरीक्षण लागू नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देती है, बल्कि पूर्वव्यापी दंड के भय को भी समाप्त करती है। इससे पहले, निर्दिष्ट समय-सीमा में पंजीकरण न करने पर कानूनी कार्रवाई, बकाया भुगतान, ब्याज और पेनल्टी का सामना करना पड़ता था। स्त्री (SPREE) योजना 2025 इन बाधाओं को समाप्त कर छूटे हुए प्रतिष्ठानों और श्रमिकों को ईएसआईसी के दायरे में लाने का कार्य करेगी, जिससे विशेषकर संविदा क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं सामाजिक लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। भविष्य निधि संगठन के आयुक्त शैलेंद्र जैन ने योजना की संरचना, उद्देश्य, लाभ एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में संयुक्त निदेशक अजाद सिंह, संयुक्त निदेशक देवेंद्र पाल सिंह, सहायक निदेशक राकेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी, कम्पनियों के पदाधिकारी एवं बडी संख्या में मेडिकल के विद्यार्थी मौजूद रहे।




