
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पोडैयाहाट। शहर हो या गांव, सरकार हर जगह लोगों की सुविधा के लिए सड़कों का निर्माण करा रही है। लेकिन कई जगह कागजों में कुछ और वहीं धरातल पर कुछ और ही देखने को मिलता है। आज तक आपने दुनिया के सात अजूबों के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसा “आठवां अजूबा” दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जी हां, हम बात कर रहे हैं एक ऐसी सड़क की, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि मानो यह सड़क नहीं बल्कि चटाई हो, जिसे जहां चाहें वहां बिछा दिया जाए। ताजा मामला पोड़ैयाहाट प्रखंड क्षेत्र का है, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बोहरा स्टेडियम से लीलादह तक करीब 8 करोड़ 20 लाख 46 हजार रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना सही सिस्टम और मानकों के सड़क का निर्माण किया जा रहा है। हालात यह हैं कि चमकती सड़क भी चटाई की तरह उखड़ती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब वे अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं तो ठेकेदार द्वारा उन्हें धमकाया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार इन ठेकेदारों को इतनी हिम्मत कहां से मिलती है? अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच कर सड़क की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में कदम उठाता है या फिर मामले को लीपापोती कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।




