शबगा से बदलते भविष्य का संकल्प – कुलदीप पवार
"गांव का हर व्यक्ति मेरे लिए परिवार है, मैं राजनीति नहीं, सेवा करने आया हूँ"

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत : गांव शबगा में इस बार प्रधान पद की चर्चा जोरों पर है। भावी प्रत्याशी कुलदीप पवार ने जनता के सामने जो विचार रखे हैं, वे केवल चुनावी वादे नहीं बल्कि गांव के भविष्य को बदलने का संकल्प हैं।
प्रेरणा और सेवा का मार्ग
कुलदीप पवार बताते हैं कि उनका जन्म और पालन-पोषण इसी मिट्टी में हुआ। बचपन से उन्होंने देखा कि माताएं पानी के लिए घंटों लाइन में खड़ी रहती हैं, बच्चे कीचड़ में गिरकर चोट खाते हैं और बुजुर्ग इलाज के अभाव में परेशान रहते हैं। इन परिस्थितियों ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया। उनके शब्दों में – “राजनीति मेरे लिए कुर्सी पाने का रास्ता नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है।”
प्राथमिकता – युवाओं और माताओं-बहनों का सशक्तिकरण
अगर गांव की जनता उन्हें प्रधान चुनती है तो उनकी पहली प्राथमिकता होगी गांव की युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना। इसके लिए वे रोजगार प्रशिक्षण केन्द्र, खेल सुविधाएं और स्वरोजगार योजनाओं को लागू करना चाहते हैं। साथ ही माताओं और बहनों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने का वादा करते हैं।
विकास के मुद्दे
कुलदीप पवार का मानना है कि शबगा में अब भी सड़क, नालियां, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। वे इन समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का संकल्प लेते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चियों के लिए विशेष सुविधाएं और छात्रवृत्ति की योजना लाने की बात करते हैं। किसानों की सिंचाई और फसल सुरक्षा भी उनके एजेंडे में प्रमुख है।
जनता के लिए संदेश
कुलदीप पवार कहते हैं – “यह गांव मेरे लिए पंचायत नहीं, परिवार है। परिवार का कोई सदस्य भूखा-प्यासा या दुखी रहे, यह मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। मेरा वादा नहीं, संकल्प है कि हर घर की जरूरत पूरी करने के लिए हमेशा खड़ा रहूँगा।”
असली ताकत – जनता का विश्वास
वे मानते हैं कि चुनाव में उनकी ताकत न पैसा है न राजनीतिक रसूख, बल्कि गांव की जनता का भरोसा है। अगर जनता ने उन्हें चुना तो यह जीत हर मां, हर किसान और हर बच्चे की होगी, जिनके सपनों को वे हकीकत में बदलना चाहते हैं।
शबगा के लोग अब यह देखने को उत्सुक हैं कि आने वाले चुनाव में गांव अपने भविष्य के लिए किसे चुनता है।



