खैरथल
जिला बचाओ संघर्ष समिति खैरथल का धरना 68 वे दिन भी रहा जारी
भृतहरी जी के नाम पर राजनिति का दो तरफा विरोध शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल। जिले का नाम परिवर्तन करने एवं मुख्यालय बचाने की मांग को लेकर जिला बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों का धरना मंगलवार को 68 वें दिन भी जारी रहा।खैरथल-तिजारा जिले के लोग जिले का नाम भृतहरी नगर करने के और जिला मुख्यालय खैरथल को बदलने का विरोध कर रहे है दूसरी ओर भृतहरी धाम के आसपास के गांवो मे सरिस्का अभ्यारण का नाम भृतहरी धाम करने और अलवर या थानागाजी का नाम भृतहरी नगर रखने की मांग करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया अब भाजपा सरकार और सांसद के सामने चुनौती खड़ी हो गई है जो भृतहरी का नाम मांग रहे है उन्हे भृतहरी नगर दे या अपनी मंशा तहत खैरथल –तिजारा जिले का नाम भृतहरी नगर करें ,खैरथल में लगातार जारी धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए वरिष्ठ नेता हनुमान प्रसाद यादव नेताजी आज पहुंचे। उन्होंने जिला बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों का धन्यवाद किया, जो पिछले दो महीने से अधिक समय से जिले को बचाने के लिए लगातार धरने पर बैठे हैं।
यादव ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिला तत्कालीन सरकार द्वारा विधायक दीपचंद खैरिया की पहल पर नियम और व्यवस्था के तहत अच्छी तरह से बनाया गया था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिले का नाम परिवर्तन और मुख्यालय को अन्यत्र ले जाने का निर्णय जनता के साथ धोखा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग यहां की जनता को भ्रमित कर रहे हैं। भर्तृहरि नामकरण का यहां कोई औचित्य नहीं है। जिले का नाम खैरथल-तिजारा ही रहना चाहिए।
नेताजी ने आगे कहा कि कुछ समय पहले भाजपा कार्यकर्ता यह कहते थे कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कारण सरकार ने जिले को यथावत रखने का फैसला लिया था, लेकिन अब वही लोग इसे कहीं और ले जाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने खैरथल-तिजारा जिले के भाजपा नेताओं की तुलना “कोतवाल” से करते हुए कहा कि ये लोग भूपेंद्र यादव को भी संन्यास लेने पर मजबूर कर देंगे।
इस दौरान उन्होंने तिजारा विधायक पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि खैरथल-तिजारा जिले की जनता पूरी तरह जागरूक है। 36 बिरादरी एकजुट होकर संघर्ष समिति के साथ खड़ी है और जिले को यथावत रखने के लिए संकल्पबद्ध है।
हनुमान नेताजी ने बताया कि उनकी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात हुई है। मैंने उनसे कहा कि जिस जनता ने आपको अलवर से सांसद बनाकर मंत्री बनाया, उसी जनता की मांग है कि खैरथल-
तिजारा जिला यथावत रखा जाए और मुख्यालय खैरथल में ही रहे।
उन्होंने कहा कि साबी नदी में पानी छोड़ इस नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित कर अलवर सहित खैरथल तिजारा जिले के लोगों को पानी पहुंचाया जा सके।बीजेपी के नेता जिले लिए बजट तो पास नहीं कर पाए लेकिन यहां के लोगों को भ्रमित करने का काम जरूर कर रहे हैं।धरने पर विधायक दीपचंद खेरिया,गिरीश डाटा,शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढ़िल्लन,कामरेड रामचंद्र,नारायण छंगानी,
कृष्ण चौधरी आदि लोग मौजूद रहे!
भृतहरी धाम में आंदोलन शुरू
सरिस्का टाइगर रिजर्व का नाम बदलकर भर्तृहरि अभ्यारण किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को भर्तृहरि धाम परिसर में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की गई।बैठक के बाद ग्रामीणों ने ध्वज लेकर सरिस्का की ओर कूच किया। इस दौरान लोगों ने सरिस्का तिराहे पर ध्वज फहराया और आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। आंदोलन के समर्थन में कुशालगढ़, माधोगढ़ और भर्तृहरि बाजार पूरी तरह बंद रहे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अनूप दायमा और जयप्रकाश ने बताया कि सरिस्का बाघ परियोजना का नाम भर्तृहरि अभ्यारण कराने की मांग को लेकर वे लंबे समय से प्रयासरत हैं। वहीं उन्होंने कहा कि तिजारा का नाम भर्तृहरि नगर रखे जाने का वे विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भर्तृहरि धाम क्षेत्र का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, इसलिए अभ्यारण का नाम इसी से जुड़ा होना चाहिए।


