घृणास्पद बयानों के आरोप में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को जारी किया नोटिस।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ घृणास्पद बयानों के आरोपों वाली तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उन्हें और राज्य सरकार को औपचारिक नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अगली सुनवाई 2026 के अप्रैल के दूसरे सप्ताह, यानी बोहाग बिहू के बाद निर्धारित की है। प्रसिद्ध बुद्धिजीवी डॉ. हीरेन गोहांई , पूर्व असम पुलिस महानिदेशक हरेकृष्ण डेका सहित सीपीआई(एम) और सीपीआई ने भी अलग-अलग याचिकाएं दायर किया था । सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, चंद्र उदय सिंह तथा मीनाक्षी आरोरा ने लंबे समय तक अपनी दलीलें रखीं। मुख्य न्यायाधीश अशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। पीठ ने मुख्यमंत्री के बयानों को “विभाजनकारी प्रवृत्ति” वाला बताया। केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है। पृष्ठभूमि और सुप्रीम कोर्ट का रुखयाचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘मियां’ मुसलमानों पर लक्षित घृणास्पद टिप्पणियां कीं, जो समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं। असम बीजेपी के सोशल मीडिया पर वायरल एक विवादित एनिमेटेड वीडियो का भी जिक्र है, जिसमें बंदूक चलाने का दृश्य दिखाया गया। याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी या सीआईटी गठन की मांग की है। इससे पहले 16 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची तथा जस्टिस विपुल पांचोली की बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया था। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट की गरिमा का सम्मान करते हुए याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत का रुख करने को कहा था ।



